
नई दिल्ली. लोग वित्त वर्ष 2022-23 के लिए टैक्स बचाने में जुगत में लगे हुए हैं. टैक्स बचाने की आखिरी तारीख 31 मार्च, 2023 है और अब इसमें 2 महीनों से भी कम समय रह गया है. अगर आप भी टैक्स बचाने के लिए ऑप्शंस की तलाश कर रहे हैं तो टैक्स बेनिफिट्स के लिए आप कई सेक्शंस के तहत कटौती करवा सकते हैं. बता दें कि ज्यादातर लोग टैक्स बचाने के लिए पब्लिक प्रोविडेंट फंड, ईएलएसएस और एनएससी जैसी स्कीम्स में निवेश करते हैं.
टैक्स बचाने के लिए ज्यादातर लोग धारा 80C के तहत मिलने वाली छूट का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करने की कोशिश करते हैं. हालांकि इसके तहत एक वित्त वर्ष में अधिकतम 1.5 लाख रुपये की ही छूट मिलती है. अगर आप इससे ज्यादा टैक्स बचाना चाहते हैं तो आपके पास और भी कई ऑप्शन्स मौजूद हैं जिनमें निवेश करके आप टैक्स बचा सकते हैं, आइए जानते हैं वे ऑप्शंस कौन से हैं.
नेशनल पेंशन सिस्टम में निवेश (NPS)
जिन कर्मचारियों का नेशनल पेंशन सिस्टम में अकाउंट होता है वे धारा 80C के तहत मिलने वाले बेनिफिट्स के अलावा भी एक्स्ट्रा कटौती का दावा कर सकते हैं. रिटायरमेंट फंड बनाने और वृद्धावस्था में वार्षिकी आय सुनिश्चित करने के लिए एनपीएस एक बेहतर ऑप्शन होता है. इसमें सालाना 1.5 लाख और धारा 80CCD (1B) के तहत अतिरिक्त 50 हजार रुपये का भी निवेश कर सकते हैं. NPS में निवेश कर आप आयकर (Income Tax) में कुल 2 लाख रुपये की कुल छूट का फायदा ले सकते हैं.
फैमिली के लिए हेल्थ इंश्योरेंस
धारा 80 के तहत इनकम टैक्स छूट का लाभ उठाने के लिए आप अपनी फैमिली के लिए हेल्थ इंश्योरेंस ले सकते हैं. आप अपने माता-पिता, बच्चों या जीवनसाथी के लिए हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदकर भी टैक्स बचा सकते हैं. वहीं माता-पिता के लिए हेल्थ इंश्योरेंस लेने पर आप धारा 80D के तहत 25 हजार रुपये के एक्स्ट्रा बेनिफिट भी मिलता है. जबकि आपके माता-पिता की उम्र 60 साल से ज्यादा होने पर या सीनियर सिटीजन होने पर यह कटौती सीमा बढ़कर 50 हजार रुपये हो जाती है.
बैंक में फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) करना
टैक्स बचाने के लिए आप अपने माता-पिता के नाम पर बैंक में फिक्स्ड डिपॉजिट अकाउंट ओपन सकते हैं. आपके माता-पिता के नाम एफडी अकाउंट होने पर आपको उस पर ज्यादा ब्याज कमाने का मौका मिलता है. लेंडर्स सीनियर सिटीजन को एफडी पर सामान्य नागरिकों की तुलना में ज्यादा ब्याज दर ऑफर करते हैं.
एजुकेशनल स्कॉलरशिप और एजुकेशन लोन
जब आप टैक्स कटौती के लिए इन्वेस्टमेंट प्रूफ जमा करते हैं तो साथ में एजुकेशनल स्कॉलरशिप और एजुकेशन लोन से जुड़े दस्तावेज भी जमा कर सकते हैं. इनकम टैक्स अधिनियम की धारा 10(16) के तहत, शिक्षा के लिए स्कॉलरशिप के रूप में प्राप्त कोई भी राशि टैक्स योग्य नहीं है. वहीं अगर आपने एजुकेशन लोन लिया है तो आपको धारा 80E के तहत टैक्स में छूट मिलती है. हालांकि, यह कटौती सिर्फ ईएमआई के ब्याज वाले हिस्से के लिए दी जाती है. ईएमआई के मूल भाग के लिए कोई टैक्स बेनिफिट नहीं है.
होम लोन से भी बचा सकते हैं टैक्स
अगर आपने प्रॉपर्टी खरीदने के लिए होम लोन या हाउसिंग लोन ले रखा है तो यह आपको टैक्स बचाने में मदद कर सकता है. आप धारा 24 के तहत 2 लाख रुपये तक की कटौती का दावा कर सकते हैं. धारा 80EE के तहत एक्स्ट्रा कटौती घर खरीदारों को अधिकतम 50 हजार रुपये तक दी जाती है. हालांकि, इसके लिए लोन 1 अप्रैल, 2016 से 31 मार्च, 2017 के बीच स्वीकृत होना चाहिए. वहीं लोन की राशि 35 लाख रुपये या उससे कम और प्रॉपर्टी की वैल्यू 50 लाख रुपये से ज्यादा नहीं होनी चाहिए.
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