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PF पर बढ़ सकता है ब्‍याज! ज्‍यादा रिटर्न पाने के लिए EPFO बदलेगा निवेश रणनीति….

नई दिल्‍ली. कर्मचारी भविष्‍य निधि संगठन (EPFO) सब्‍सक्राइबर्स को आने वाले समय में ज्‍यादा ब्‍याज मिल सकता है. ईपीएफओ ज्‍यादा रिटर्न के लिए अब अपनी निवेश रणनीति में बदलाव करने जा रहा है. एक्‍सचेंज ट्रेडेड फंड्स (ETF) के माध्‍यम से किए गए इक्विटी इनवेस्‍टमेंट (Equity Investment) में प्रॉफिट बुकिंग के लिए 10 फीसदी रिटर्न की सीमा निर्धारित करने का प्रस्‍ताव वित्त निवेश और लेखा परीक्षा समिति ने किया है. यही नहीं शेयर बाजार में होने वाले उतार-चढ़ाव का लाभ लेने के लिए ईटीएफ में लगाए पैसे को एकमुश्त निकालने की बजाय ईटीएफ को बार-बार रिडीम करने का सुझाव भी समिति ने दिया है.

इसका अर्थ है कि ईपीएफओ ईटीएफ को केवल तभी भुनाएगा जब वार्षिक रिटर्न 10% या उससे अधिक हो. ईपीएफओ के केंद्रीय न्यासी बोर्ड (CBT) द्वारा मंजूरी मिलने के बाद इसे लागू कर दिया जाएगा. ईटी की एक रिपोर्ट के अनुसार, ईपीएफओ बोर्ड के एक सदस्य ने बताया कि इससे रिडीम पॉलिसी में पारदर्शिता तो आएगी ही साथ ही इससे रिटर्न भी बढ़ेगा. इक्विटी में डेट और अन्‍य निवेश विकल्‍पों से ज्‍यादा रिटर्न मिल रहा है. इसी को देखते हुए अब ईपीएफओ अपनी निवेश रणनीति में बदलाव ला रहा है. श्रम मंत्रालय भी ज्‍यादा इक्विटी निवेश के पक्ष में है.

15 फीसदी है इक्विटी निवेश

ईपीएफओ अपने कुल फंड में से 15 फीसदी ईटीएफ में निवेश करता है. ईपीएफओ की योजना ईटीएफ में निवेश अवधि को भी 4 की बजाए 5 साल करने की है. एक अधिकारी ने बताया कि ईपीएफओ की योजना शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव से बढ़िया रिटर्न लेन की है. इसीलिए ईटीएफ में लगाए पैसे को 10 फीसदी रिटर्न या इससे अधिक रिटर्न मिलने पर एकमुश्‍त भुनाने की बजाय दैनिक आधार रीडिम करने की है.

बदलेगी पैसा निकालने की नीति

फिलहाल ईपीएफओ ‘फर्स्‍ट इन, फर्स्‍ट आउट’ के आधार पर इक्विटी को भुनाता है. इसका मतलब है कि इक्विटी में पहले साल लगाए पैसे को चौथे साल निकाल लिया जाता है ताकि पैसा लंबे समय तक निवेशित रहे और बढ़िया रिटर्न मिल सके. श्रम मंत्रालय का मानना है कि ईपीएफओ मैंबर्स को ज्‍यादा रिटर्न देने के लिए इक्विटी में निवेश अब जरूरी हो गया है. ऐसा इसलिए है क्‍योंकि डेट और अन्‍य निवेश विकल्‍पों में रिटर्न की दर गिर रही है.

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