नाबालिग बेटी से दुष्कर्म करता था कलियुगी पिता, 9 माह बाद बच्ची के जन्म पर हुआ खुलासा…

मध्य प्रदेश के सीहोर जिले में एक कलियुगी पिता ने 7वीं क्लास में पढ़ने वाली अपनी ही नाबालिग बेटी के साथ दुष्कर्म किया। बेटी ने जब 9 महीने बाद एक बच्ची को जन्म दिया तब यह शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया। पुलिस ने आरोपी पिता को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। सीहोर जिले के नसरुल्लागंज में पत्नी के मंदबुद्धि होने का फायदा उठाते हुए पिता ने अपनी ही नाबालिग बेटी को हवस का शिकार बनाते हुए न केवल उसके साथ दुष्कर्म किया, बल्कि उसे गर्भवती भी कर दिया।
नौ माह के लंबे अंतराल के जब बेटी ने एक बच्ची को जन्म दिया तो यह मामला उजागर हुआ। पुलिस ने इस कृत्य के उजागर होने पर दुष्कर्म व पॉक्सो एक्ट की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर आरोपी पिता को गिरफ्तार करने के बाद उसे कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है। आरोपी भिलाड़िया थाना शिवपुर जिला होशंगाबाद निवासी है, जो पिछले कई साल से नसरुल्लागंज में अपने 3 बच्चों और पत्नी के साथ रहकर मजदूरी करता है।
मिली जानकारी अनुसार, 7 जनवरी को सिविल अस्पताल में एक नाबालिग लड़की ने एक स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया था। इसकी सूचना 10 जनवरी को डॉक्टर द्वारा अस्पताल से तहरीर भेजकर पुलिस को दी गई थी। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी कंचन सिंह ठाकुर सिविल अस्पताल पहुंचीं और नाबालिग लड़की के बयान लिए।
तब पता चला कि जिस बेटी को नाबालिग ने जन्म दिया वह और किसी की नहीं बल्कि उसके पिता कलियुगी पिता द्वारा किए गए दुष्कर्म से पैदा हुई है। पुलिस ने तुरंत आरोपी पिता के खिलाफ दुष्कर्म व पॉक्सो एक्ट की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर उसे न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल की सलाखों के पीछे भेज दिया गया।
मजदूरी करता है आरोपी पिता
नाबालिग पीड़िता ने बताया कि उसकी मां मंदबुद्धि है और इसी बात का फायदा उसके पिता के द्वारा उठाया गया। मैं घटना के संबंध में किसी को बताती तो मेरे पिता मेरे साथ मारपीट करते, इसलिए मैंने इसके बारे में किसी को भी नहीं बताया। पूछताछ में पीड़िता ने बताया कि वह नसरुल्लागंज में एक किराये के मकान में अपनी मंदबुद्धि मां, 14 व 8 वर्षीय दो भाइयों और पिता के साथ रहती हैं।
उसका पिता हम्माली व मजदूरी का काम करता है। पिछले साल उसके पिता ने उसके साथ पहली बार गलत काम किया और फिर लगातार ऐसा करता चला गया। उसके पिता ने उसे धमकी दी कि यदि यह बात उसने किसी को भी बताई तो वह उसे जान से मार देगा। पिता की धमकी के डर से उसने किसी को भी इस बारे में कुछ नहीं बताया था।
पेट बढ़ने पर स्कूल जाना छोड़ दिया था
पीड़िता नगर के ही एक सरकारी स्कूल में कक्षा सातवीं में पढ़ती थी। जब वह कक्षा आठवीं में पहुंची तो उसका पेट धीरे-धीरे बढ़ने लगा। उसे डर था कि इस बारे में लोग उससे पूछेंगे तो वह कुछ बता नहीं पाएगी। इसके डर से उसने स्कूल जाना ही बंद कर दिया, जिससे उसकी पढ़ाई भी छूट गई। थाना प्रभारी कंचन सिंह ठाकुर ने जानकारी में बताया कि 10 जनवरी को सिविल अस्पताल से आई पीएमएलसी से ज्ञात हुआ कि अस्पताल में एक 16 वर्षीय नाबालिग ने एक स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया है।
नाबालिग के मां बनने की सूचना मिलते ही वह अपने स्टाफ के साथ सिविल अस्पताल पहुंचीं और नाबालिग के परिजनों से पूछताछ की। नाबालिग के पिता ने पहले तो पुलिस को गुमराह करने का प्रयास किया और अपना अपराध किसी और पर डालने की कोशिश की, लेकिन जब पुलिस ने लड़की के बयान लिए तो उसने भी घटना के संबंध में कुछ भी बताने से इनकार कर दिया। थाना प्रभारी द्वारा काफी समझाने के बाद नाबालिग ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि यह करतूत किसी और की नहीं बल्कि उसके पिता की ही है।
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