‘आतंक के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाएं’- बैठक में गृहमंत्री अमित शाह ने दिया आदेश

नई दिल्ली. केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह (Home Minister Amit Shah) ने विकास परियोजनाओं और सुरक्षा संबंधी मुद्दों पर बुधवार को लेह-लद्दाख (Leh Laddakh) और जम्मू-कश्मीर (Jammu Kashmir) से संबंधित अलग-अलग पहलुओं की समीक्षा की गई. करीब तीन घंटे तक बैठक चली. जम्मू कश्मीर (Jammu Kashmir) की सुरक्षा व्यवस्था समीक्षा के मुद्दे पर गृह मंत्री अमित शाह (Home Minister Amit Shah) द्वारा ली गई बैठक में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर फैसला हुआ. बैठक में फैसला लिया गया कि जम्मू कश्मीर (Jammu Kashmir) की सुरक्षा के लिए बनाया गया राष्ट्रीय सुरक्षा ग्रिड और भी ज्यादा मजबूत किया जाएगा.
गुरुवार को फिर से होगी बैठक
इसके अलावा भारत सरकार द्वारा शुरू की गई जनहित योजनाएं लाभार्थियों तक 100 फ़ीसदी पहुंचे इसके लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया गया है. घाटी में किसी भी तरीके से अलगाववादी सोच न पनपे और आतंक के खिलाफ पुख्ता कार्रवाई जारी रहे. इस बाबत सुरक्षा एजेंसियों को पुख्ता योजना बनाने को कहा गया. गुरुवार को फिर से गृह मंत्रालय की बैठक होगी. इसके लिए DG सीआरपीएफ, जम्मू कश्मीर के मुख्यसचिव अरुण मेहता, रॉ चीफ सामंता गोयल, एनआइए डीजी दिनकर गुप्ता गृह मंत्रालय पहुंचे.
जम्मू कश्मीर के राज्यपाल मनोज सिन्हा भी बैठक में रहे मौजूद
जम्मू कश्मीर के उप राज्यपाल मनोज सिन्हा भी बैठक में मौजूद रहे. गृह मंत्री शाह ने बैठक में समीक्षा की और कहा कि आतंकवाद को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. गृह मंत्री शाह ने सुरक्षा ग्रिड के कामकाज और जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं की यहां एक बैठक में समीक्षा की और आतंकवाद को कतई बर्दाश्त नहीं करने की नीति अपनाने के संबंध में निर्देश जारी किए.
गृह मंत्री ने जम्मू-कश्मीर के विकास कार्यों की समीक्षा की
एक आधिकारिक बयान में गृह मंत्री शाह के हवाले से कहा गया है कि आम आदमी की भलाई में बाधक आतंकवादी-अलगाववादी अभियान को सहायता, बढ़ावा देने और बनाए रखने वाले तत्व से युक्त पारिस्थितिकी तंत्र को नष्ट करने की आवश्यकता है. गृह मंत्री ने जम्मू-कश्मीर में लागू किए जा रहे विभिन्न विकास कार्यों की भी समीक्षा की और परियोजनाओं को समय पर पूरा करने पर जोर दिया.
गृहमंत्री अमित शाह ने दिया आदेश
उन्होंने अधिकारियों को विभिन्न योजनाओं के तहत लाभार्थियों की 100 प्रतिशत संतृप्ति प्राप्त करने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास करने और समाज के हर वर्ग तक विकास के लाभों को सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. पहले से निर्धारित यह बैठक ऐसे दिन हुई जब जम्मू में सुरक्षा बलों ने एक मुठभेड़ में चार आतंकवादियों को मार गिराया। मारे गए आतंकवादी घुसपैठ कर पाकिस्तान से आए थे.
आतंकवादी समूह ने 56 कर्मचारियों की हिट लिस्ट तैयार की थी
इस महीने की शुरुआत में, ऐसी खबरें थीं कि एक आतंकवादी समूह ने 56 कर्मचारियों की ‘हिट लिस्ट’ जारी की थी और उसके बाद घाटी में कार्यरत कश्मीरी पंडित समुदाय के सदस्य दहशत में थे. लश्कर-ए-तैयबा की शाखा द रेजिस्टेंस फ्रंट से जुड़े एक ब्लॉग ने 56 कश्मीरी पंडित कर्मचारियों की सूची प्रकाशित की, जिन्हें प्रधानमंत्री पुनर्वास पैकेज के तहत भर्ती किया गया था. आतंकवादियों द्वारा लक्षित हत्याओं के बाद, घाटी में कार्यरत कई कश्मीरी पंडित जम्मू चले गए हैं और वे स्थानांतरित किए जाने की मांग को लेकर 200 से अधिक दिनों से प्रदर्शन कर रहे हैं.
अमित शाह ने लद्दाख के विकास कार्यों की समीक्षा की
सरकार ने पिछले दिनों संसद को सूचित किया था कि 2019 में अनुच्छेद 370 को निरस्त किए जाने के बाद जुलाई 2022 तक जम्मू कश्मीर में पांच कश्मीरी पंडितों और 16 अन्य हिंदुओं और सिखों सहित 118 नागरिक मारे गए हैं. गृह मंत्री ने एक अलग बैठक में लद्दाख में कार्यान्वित विकास कार्यों की भी समीक्षा की.
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