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बंदी की मृत्यु की होगी दंडाधिकारी जांच, अनुविभागीय दंडाधिकारी छावनी करेंगे जांच
दुर्ग / केंद्रीय जेल दुर्ग में दंडित बंदी गुदवा उर्फ बसंत, आत्मज राजू उर्फ सुरेंद्रनाथ उम्र 32 वर्ष निवासी कैंप–2, न्यू संतोषी पारा भिलाई थाना छावनी,जो केन्द्रीय जेल दुर्ग में परिरुध्द था। कलेक्टर एवं जिला दंण्डाधिकारी पुष्पेन्द्र कुमार मीणा ने बंदी की मृत्यु की दंडाधिकारी जांच हेतु अनुविभागीय दंडाधिकारी छावनी/भिलाई को जांच अधिकारी नियुक्त किया है। जांच अधिकारी द्वारा निर्धारित बिंदु पर जांच कर प्रतिवेदन प्रस्तुत किया जाएगा।
जांच के लिए निर्धारित बिंदु है, क्या दंडित बंदी किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित था, क्या बंदी को समय पर पर्याप्त चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई थी। बंदी की मृत्यु किन परिस्थितियों में हुई, बंदी की मृत्यु के लिए जेल अधीक्षक/कर्मचारी तो जिम्मेदार नहीं है, दंडित बंदी की मृत्यु के लिए क्या इस घटना को टाला जा सकता था, साथ ही जांच अधिकारी उचित समझते हुए जांच करेंगे।
कुम्हारी फ्लाईओवर हादसे में अपने परिजनों को खो चुकी अन्नू को पंद्रह लाख रुपए प्रदान करेगी कंपनी, प्रशासन ने कंपनी को दिये निर्देश, कंपनी की लापरवाही से गई परिजनों की जान, कलेक्टर एवं एसपी ने रायल इंफ्रा कंपनी से चर्चा कर बच्ची की जिम्मेदारी उठाने कहा
दुर्ग / कुम्हारी फ्लाईओवर हादसे में अपने परिजनों को खो चुकी अन्नू देवांगन की पढ़ाई लिखाई एवं अन्य जरूरतों के लिए फ्लाईओवर का निर्माण कर रही कंपनी रायल इंफ्रा पंद्रह लाख रुपए की राशि प्रदान करेगी। कलेक्टर पुष्पेंद्र कुमार मीणा एवं एसपी डा. अभिषेक पल्लव ने इस संबंध में कंपनी के प्रबंधन से चर्चा की और उन्हें बच्ची की परवरिश की जिम्मेदारी उठाने कहा।
अधिकारियों ने प्रबंधन से कहा कि फ्लाईओवर के निर्माण की अनुबंध शर्तों में सुरक्षा संबंधी सभी बातों का पूरा ध्यान रखना शामिल था। कंपनी ने इस पर लापरवाही की जिससे यह गंभीर हादसा हुआ। इस हादसे में बच्ची ने अपने माता-पिता को खो दिया और अब उसके सामने परवरिश की गंभीर समस्या खड़ी हो गई है। इसके लिए उसके परवरिश का खर्च कंपनी उठाये।
इस पर चर्चा के पश्चात प्रबंधन ने पंद्रह लाख रुपए की राशि प्रदान करने की बात कही। कंपनी प्रबंधन गुरुवार को कलेक्ट्रेट परिसर में कलेक्टर पुष्पेंद्र कुमार मीणा और एसपी डा. अभिषेक पल्लव की उपस्थिति में पंद्रह लाख रुपए की राशि का बिटिया का चेक परिजनों को प्रदान करेगा।
फोर्टिफाईड राईस के संबंध में प्रशिक्षण का आयोजन किया गया
दुर्ग / फोर्टिफाईड राईस के संबंध में 09 दिसंबर 2022 को कलेक्टर सभा कक्ष में जिला-दुर्ग, राजनांदगांव, एवं खैरागढ के राईस मिलर्स तथा खाद्य विभाग एवं छ.ग. राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के अधिकारियों के प्रशिक्षण का आयोजन किया गया, जिसमें श्रीमती कस्तूरी पाण्डा, कार्यक्रम सहायक, विश्व खाद्य कार्यक्रम द्वारा फोर्टिफाईड राईस के मैन्यूफैक्चरिंग प्रक्रिया, क्वालिटी पैरामीटर्स, लायसेंसिंग प्रक्रिया लेबलिंग पैकेजिंग प्रक्रिया के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई।
किसी खाद्य उत्पाद में आवश्यक सूक्ष्म पोषक तत्वों वैज्ञानिक रूप से बढाने की प्रक्रिया को फोर्टिफिकेशन कहा जाता है। उसमें मिलाये जाने वाले पोषक तत्व, फोर्टिफिकेशन के महत्व के बारे में बताया गया। फोर्टिफाईड राईस की पहचान उसके उत्पादन के लिए अनिवार्य लायसेंस एवं एफ लोगो सर्टिफिकेट प्राप्त करने की प्रक्रिया, फोर्टिफाईड राईस की खरीदी व खरीदी के समय ध्यान देने योग्य बिन्दुओं से राईस मिलर्स को अवगत कराया गया।
फोर्टिफाईड चावल से संबंधित मिथक जैसे- पकाने पर पोषक तत्व नष्ट हो जाना, स्वाद व गंध में बदलाव, इत्यादि के बारे में जानकारी दी गई। इसके अतिरिक्त बताया गया कि शासकीय उचित मूल्य के दुकान संचालकों द्वारा वितरण के समय कार्डधारकों को फोर्टिफाईड राईस के रख-रखाव, उसके लाभ एवं पकाने के तरीके से अवगत कराया जाये ताकि लोगों के स्वास्थ्य एवं पोषण की स्थिति में सुधार किया जा सके ।
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