जी-20 की अध्यक्षता यह अवसर देती है कि हम अपनी कहानी दूसरों के साथ बांटें: विदेश मंत्री जयशंकर

नई दिल्ली. भारत ने जी-20 की अध्यक्षता संभाल ली है. इस मौके पर विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि जी-20 की अध्यक्षता यह अवसर देती है कि हम अपनी कहानी दूसरों के साथ बांटें. सुषमा स्वराज भवन में आयोजित यूनिवर्सिटी कनेक्ट कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि अच्छे कारणों की वजह से दुनिया आज भारत में जबरदस्त रुचि दिखा रही है.
कार्यक्रम में विदेश में एस. जयशंकर ने कहा, G-20 की अध्यक्षता दूसरों के साथ हमारी कहानी साझा करने का अवसर प्रदान करती है, विशेष रूप से उनके साथ जो हमारे कुछ अनुभवों को अपने प्रदर्शन या चुनौतियों पर स्थानांतरित कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि यही वक्त है जब हम ‘ग्लोबल साउथ देशों’ की आवाज बन सकते हैं. यह उपलब्धि महज एक कूटनीतिक घटना नहीं है, बल्कि यह वैश्विक चुनौतियों के बीच एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है, जिसे भारत ने लिया है.
वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए हमारे मानव संसाधन महत्वपूर्ण होंगे- जयशंकर
उन्होंने कहा कि दशक के अंत तक हम सबसे अधिक आबादी वाले देश होंगे. हम दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था होंगे. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के वर्चस्व वाली दुनिया में 2030 तक वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए हमारे मानव संसाधन महत्वपूर्ण होंगे.
विदेश मंत्री ने किया कोविड-19 काल का जिक्र
इस मौके पर विदेश मंत्री ने भारत की अलग-अलग जगहों पर होने वाली जी-20 की 200 से ज्यादा बैठकों के बारे में भी चर्चा की. उन्होंने कहा कि हम नहीं चाहते थे कि जी-20 की बैठक केवल नई दिल्ली में ही केंद्रित हो, बल्कि इसे कई जगहों पर आयोजित किया है. उन्होंने इस मौके पर कोविड-19 काल में हुए विनाश का भी जिक्र किया.
समस्याओं पर ध्यान नहीं, बल्कि उनका हल निकालना होगा- जयशंकर
विश्व के ज्वलंत मुद्दों को लेकर जयशंकर ने कहा कि केवल परेशानियों पर ध्यान देने से काम नहीं चलेगा, बल्कि हमें उनका उचित हल भी ढूंढना होगा. बता दें, यूनिवर्सिटी कनेक्ट कार्यक्रम में पूरे देश की 75 यूनिवर्सिटी के छात्र वर्चुअली शामिल हुए. इसमें छात्रों के साथ-साथ कई विषयों के जानकार और विशेषज्ञ भी शामिल हुए. कार्यक्रम को जी-20 इंडिया के कॉर्डिनेटर ने भी संबोधित किया.
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