
डूंगरपुर. राजस्थान के आदिवासी बाहुल्य डूंगरपुर जिले में हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. यहां एक युवक करीब महीने पहले अपनी प्रेमिका को भगा ले गया. तीन दिन पहले प्रेमिका की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई. इस पर प्रेमी प्रेमिका के शव को जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखकर फरार हो गया.
इस पर युवती के परिजन वहां पहुंचे और उन्होंने हंगामा कर दिया. उनकी मांग थी कि पहले युवक को लाया जाये. उसके बाद शव का पोस्टमार्टम करवा जायेगा. दो दिन की माथापच्ची के बाद मंगलवार को तीसरे दिन युवती के शव का पोस्टमार्टम कराया जा सका है.
डूंगरपुर सदर थानाधिकारी भवानी सिंह ने बताया की मझोला निवासी सोहनलाल बलात ने इस संबंध में रिपोर्ट दी है. बलात ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि उनकी भतीजी 15 अगस्त को जिला स्तरीय स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम देखने के लिए घर से निकली थी.
लेकिन वह रात तक वापस घर नहीं लौटी. परिजनों ने उसकी काफी तलाश की लेकिन कोई सुराग नहीं लगा. उसके तीसरे दिन उनकी भतीजी का अपनी मां के पास फोन आया. उसने बताया कि देवसोमनाथ निवासी राजू कलासुआ उसे पत्नी बनाने के लिये भगाकर अहमदाबाद ले आया है.
प्रेमी के माता-पिता ने कहा कि शादी करवा देंगे –
उसके बाद युवती के परिजनों ने राजू के घर पहुंचकर उसके परिजनों से बात की. परिजनों ने दोनों की जल्द शादी करवाने की बात कही. इस बीच 11 सितंबर को सूचना मिली की उनकी भतीजी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है.
आरोपी राजू कलासुआ उसके शव को डूंगरपुर जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखकर फरार हो गया है. उसके बाद परिजन जिला अस्पताल की मोर्चरी पहुंचे थे. वे आरोपी राजू को बुलाने की मांग पर अड़ गये. इसके चलते शव का पोस्टमार्टम नहीं हो सका.
प्रेमी और उसके माता-पिता के खिलाफ मामला दर्ज –
पुलिस की दो दिन की समझाइश और निष्पक्ष जांच के आश्वासन के बाद परिजन पोस्टमार्टम के लिये राजी हुए. इस पर पुलिस ने मंगलवार को मेडिकल बोर्ड से युवती के शव का पोस्टमार्टम करवाकर उसे परिजनों के सुपुर्द कर दिया.
पुलिस ने मृतका के चाचा की रिपोर्ट पर राजू कलासुआ और उसके पिता तथा माता के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. युवती की मौत के बाद उसके घर में कोहराम मचा हुआ है.
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