
गोपालगंज. कुचायकोट गांव के रहनेवाले एलजी साह की हत्या में दोस्त ही कातिल निकला. एलजी साह की दोस्ती में कत्ल की ऐसी स्क्रिप्ट लिखी गयी, जिसे सुनकर सभी हैरान हैं. हत्या में पुलिस ने करीबी तीन दोस्तों को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस ने जिन दोस्तों की गिरफ्तारी की है, वे सभी बालिग हैं.
अबतक की जांच में पुलिस को हत्या से जुड़े तमाम तरह के साक्ष्य मिले हैं. पुलिस सूत्रों की मानें तो नामजद तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और ये सभी मृतक युवक एलजी साह के करीबी दोस्त हैं. इधर, मृतक की मां मैना देवी ने कुचायकोट थाने में बेटे की हत्या के मामले में प्राथमिकी दर्ज करायी.
पुलिस ने महिला के बयान पर विशंभरपुर थाने के सिसवा गांव निवासी देवेंद्र यादव के पुत्र बबलू यादव, मनीर आलम के पुत्र अमन अंसारी और शोभनचक गांव निवासी धुरेंद्र तिवारी के पुत्र शक्ति तिवारी को नामजद और तीन अज्ञात को अभियुक्त बनाया है.
महिला का आरोप है कि 31 अगस्त की रात 7.30 बजे के आस पास बबलू का फोन आने के बाद एलजी साह घर से निकला था और थोड़ी देर बाद लौटने को कहा था. परिवार के सदस्य बाहर जब निकलकर देखा तो दरवाजे पर तीनों युवक खड़े थे, जिसके बाद एलजी साह उन युवकों के साथ चला गया था. अगले दिन लाश मिली थी.
वहीं, इस मामले में सदर एसडीपीओ संजीव कुमार ने कहा कि पुलिस हत्याकांड को लगभग सुलझा चुकी है. सभी आरोपितों की गिरफ्तारी होने के बाद आज इसका खुलासा किया जा सकता है. उन्होंने बताया कि हत्या में शामिल आरोपित मृतक के करीबी दोस्त थे और खाने-पीने के बाद वारदात को अंजाम दिया गया था.
बता दें कि 31 अगस्त को एलजी साह को घर से बुलाकर हत्या कर दी गयी थी. एक सितंबर को पुलिस को युवक की लाश करमैनी रेलवे ओवरब्रिज के नीचे मिली थी, जिसके बाद पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया था. अब हत्याकांड में परिजनों को इंसाफ दिलाने के लिए खुलासा के करीब पुलिस पहुंच चुकी है.
संपूर्ण खबरों के लिए क्लिक करे