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गद्दार का नाम बताओ, लाखों इनाम पाओ… चीन में शी जिनपिंग ने निकाला अनोखा ऑफर

बीजिंग : चीन में पहले से ही नागरिकों के पास ना बोलने की आजादी है और ना ही कम्युनिस्ट पार्टी से अलग राजनीतिक विचार रखने की आजादी है, लेकिन अब चीन के अंदर ऐसा स्कीम निकाला गया है,

कि अगर कोई आम नागरिक शी जिनपिंग के खिलाफ कुछ भी बोलता है, तो उसे फौरन जेल में डाल दिया जाएगा। और इसके लिए आम नागरिक ही मुखबिरी कर सकते हैं और इसके लिए बकायदा उसे चीन की सरकार से हजारों डॉलर्स दिए जाएंगे।

चीन सरकार की ‘गद्दार’ पकड़ो योजना

चीन की सरकारी मीडिया ने मंगलवार को रिपोर्ट दी है, कि चीन में उस हफ्ते से राष्ट्रीय सुरक्षा नीति के तहत टिप ऑफ योजना के तहत एक लाख युआन यानि करीब 15 हजार डॉलर से ज्यादा पुरस्कार और विशेष प्रमाण पत्र देने की घोषणा की है।

चीन की सरकार ने हालांकि, इसके पीछे दलील ये दी है, कि चीन में विदेशी जासूस मौजूद हैं, जो देश की राष्ट्रीय सुरक्षा का उल्लंघन कर रहे हैं और ऐसे जासूसों को पकड़ना जरूरी है

और इसीलिए देश में पुरस्कार की घोषणा की गई है। चीन की सरकारी मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि, राज्य सुरक्षा मंत्रालय के एक प्रतिनिधि ने कहा कि नए उपायों का उद्देश्य विदेशी खुफिया एजेंसियों

और अन्य शत्रुतापूर्ण ताकतों से बढ़ते खतरों के समय पुरस्कारों को मानकीकृत करना और जनता को ऐसे जासूसों को उजागर करने के लिए प्रेरित करना है।

जासूसों को पकड़ने के लिए ‘स्कीम’

राज्य सुरक्षा मंत्रालय के एक अधिकारी के मुताबिक, ‘इस स्कीम का मकसद आम जनता के उत्साह को बढ़ाना है, ताकि राष्ट्रीय सुरक्षा में समर्थन मिल सके और लोगों की सहायता मिल सके।

इस स्कीम से लोग दिल, मनोबल और ताकत से देश की सेवा करेंगे।’ मंत्रालय ने एक नोटिस में कहा कि, नागरिकों को प्रमाण पत्र के रूप में “आध्यात्मिक पुरस्कार”, या 10,000 युआन से 100,000 युआन से अधिक नकद के

“भौतिक पुरस्कार” मिल सकते हैं। इसमें कहा गया है कि, राज्य सुरक्षा एजेंसियां जानकारी के आधार पर कार्रवाई करेगी और जांच करेगी,

कि क्या जो जानकारी मिली है, वो सही है और क्या जानकारी देने वाले नागरिक को इनाम मिलना चाहिए।

कैसे दर्ज करा सकते हैं रिपोर्ट?

चीन के सुरक्षा मंत्रालय के मुताबिक, लोग हॉट लाइन या वेबसाइट के माध्यम से, डाक द्वारा, व्यक्तिगत रूप से या किसी अन्य तरीके से रिपोर्ट दर्ज करा सकते हैं।

जब एक से अधिक व्यक्ति एक ही टिप की पेशकश करते हैं, तो जिसने सबसे पहले इसकी सूचना दी थी, वह इनाम के लिए कतार में सबसे पहले होगा, लेकिन अन्य भी योग्य हो सकते हैं।

समाज को नियंत्रित करने की कोशिश

दरअसल, विदेशी जासूस के आरोप में अपने ही लोगों पर निगरानी और कड़ी करना चीन की कम्युनिस्ट पार्टी का प्रमुख शगल रहा है। कम्युनिस्ट पार्टी अपने खिलाफ उठने वाली हर आवाज को उठने से पहले ही दबा देना चाहती है,

लिहाजा चीन में लोगों की कई स्तरों पर निगरानी की जाती है और चीन के लोग सिर्फ चीन की सोशल मीडिया ही इस्तेमाल कर सकते हैं, जिसपर सरकार का पूर्ण नियंत्रण होता है।

चीन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से रियल-टाइम बेसिस पर चीन की करीब डेढ़ अरब आबादी पर एक साथ नजर रखने की कोशिश की जाती है। सितंबर 2020 में अटलांटिक पब्लिकेशन में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक,

‘समाज पर डिजिटल सिस्टम के जरिए पूर्ण नियंत्रण रखने और रियल टाइम बेसिस पर प्रचलित अल्गोरिद्म के जरिए संभावित ‘असंतोष’ की पहचान और निगरानी की जाती है। इसके साथ ही चीन में हर गली, हर नुक्कड़ पर कैमरे लगे हैं, जिनकी कड़ाई से निगरानी की जाती है।

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