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मोदी सरकार के 8 साल के रंग में पड़ा भंग, इसलिए मिली नूपुर शर्मा को सजा; क्या है इनसाइड स्टोरी

पैगंबर मोहम्मद पर टीवी डिबेट के दौरान की गई टिप्पणी पर नूपुर शर्मा को भाजपा ने निलंबित कर दिया है। नूपुर शर्मा की टिप्पणी 26 मई को आई थी, जबकि भाजपा ने उन पर ऐक्शन 4 जून को लिया था।

यह ऐक्शन कतर, ओमान, सऊदी अरब, बहरीन समेत कई मुस्लिम देशों के ऐतराज के बाद लिया गया था। हालांकि भाजपा के सूत्रों का कहना है कि अरब देशों के ऐतराज के अलावा भाजपा के अपने अजेंडे में खलल पड़ना भी इसकी वजह है।

दरअसल भाजपा की केंद्र सरकार के 26 मई को ही 8 साल पूरे हुए हैं। इस मौके पर भाजपा ने हिमाचल प्रदेश और गुजरात जैसे चुनावी राज्यों समेत देश भर में कार्यक्रमों की प्लानिंग की थी।

इसके जरिए भाजपा की योजना यह थी कि देश भर में विकास के नैरेटिव पर बात की जाए और मोदी सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के बारे में लोगों को बताया जाए।

लेकिन नूपुर शर्मा के बयान के बाद से जिस तरह से बवाल खड़ा हुआ है, उससे एक तरफ भाजपा असहज हुई तो वहीं सरकार को अरब देशों के सामने सफाई देने के मोड में आना पड़ गया।

यही वजह है कि पार्टी ने उन पर सख्त ऐक्शन लेते हुए निलंबित कर दिया। यही नहीं इसी मसले पर ट्वीट करने वाले एक अन्य नेता नवीन जिंदल को पार्टी से बर्खास्त ही कर दिया गया।

पार्टी नेताओं ने कहा कि यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है, जब सरकार और पार्टी 8 सालों के पूरे होने पर कार्यक्रमों का आयोजन कर रही थी। यही नहीं इससे पहले भाजपा ने अपने प्रवक्ताओं को नसीहत भी दी थी

कि वे सिर्फ विकास के मुद्दों पर ही फोकस करें। अन्य किसी तरह की चीजों में न फंसें। माना जा रहा है कि पार्टी ने इस पैगंबर मोहम्मद की टिप्पणी को अनुशासनहीनता भी माना है।

पार्टी के एक लीडर ने कहा, ‘पार्टी इस मसले पर स्पष्ट है। पीएम नरेंद्र मोदी ने विकास के मुद्दे पर नैरेटिव तैयार किया है और पार्टी का काम इसे सपोर्ट करना है। कुछ भी चीज जो इस प्रक्रिया को बाधित करती है, वह अनुशासनहीनता की तरह है।’

जयपुर की बैठक में पीएम ने दी थी जुबान संभालने की नसीहत

बता दें कि पीएम नरेंद्र मोदी ने मई महीने में ही जयपुर में ही भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक को संबोधित करते हुए जुबान संभाल कर बात करने की नसीहत नेताओं और कार्यकर्ताओं को दी थी।

पीएम नरेंद्र मोदी ने साफ कहा था कि हमें किसी भी हाल में विकास के मुद्दे पर डटे रहना है और लोगों को इसी पर लाना है। उन्होंने कहा कि यदि हम वाणी पर नियंत्रण नहीं रखेंगे तो कोई भी बात मुद्दा बन जाएगी

और विकास जैसी चीजें पीछे रह जाएंगी। ऐसे में माना जा रहा है कि नूपुर शर्मा की टिप्पणी ने अनुशासन की वह लकीर लांघी है, जो पीएम नरेंद्र मोदी ने खींची थी।

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