15 मिनट वाले ओवैसी का राज ठाकरे पर आपत्तिजनक बयान, ‘….का काम भौंकना है’

औरंगाबाद : असदुद्दीन ओवैसी के भाई और तेलंगाना के एमएलए अकबरुद्दीन ओवैसी को हेट स्पीच के एक बहुत ही गंभीर मामले में एक लोकल कोर्ट से राहत क्या मिली है, उनकी जुबान पूरी तरह से बेलगाम नजर आ रही है।
उन्होंने महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के चीफ राज ठाकरे के खिलाफ बहुत ही गंदी और आपत्तिजनक टिप्पणी की है। इससे पहले वे महाराष्ट्र के औरंगाबाद में औरंगजेब की मजार पर भी पहुंचे थे, जिसको लेकर प्रदेश की सियास गर्म हो चुकी है।
अब उन्होंने पहले से उबल रहे राजनीतिक माहौल को और भी गर्म करने की कोशिश की है। राज ठाकरे पर ओवैसी की आपत्तिजनक टिप्पणी लाउडस्पीकर विवाद में पहले से ही उबल रही महाराष्ट्र की राजनीति में एआईएमआईएम के विवादित नेता अकबरुद्दीन ओवैसी ने आग में घी डालने का काम किया है।
शुक्रवार को उन्होंने बिना नाम लिए महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के प्रमुख राज ठाकरे पर बहुत ही अमर्यादित टिप्पणी की है और कहा है कि जो ‘भौंकता है, उसे भौंकने दो….शेर को अपना रास्ते चलना है।’ हैदराबाद के सांसद और पार्टी प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के भाई ने पहले कहा कि
‘मैं यहां किसी के लिए (राज ठाकरे) अपनी जुबान गंदी नहीं करूंगा। हमें उसका जवाब क्यों देना चाहिए, जो ध्यान दिए जाने लायक भी नहीं है? उन लोगों के बारे में क्या कहें, जिसे खुद ही उसके घर से निकाल दिया गया हो? हम डरते नहीं हैं।
कुत्तों का काम भौंकना है- ओवैसी महाराष्ट्र के औरंगाबाद में एक सभा को संबोधित करते हुए तेलंगाना के विधायक इसके बाद भड़काऊ और आपत्तिजनक टिप्पणी पर उतर आए। उन्होंने कहा, “जो भी कुत्ता जैसा भी भौंकता है भौंकने दो…..कुत्तों का काम भौंकना है।
शेरों का काम खामोश चला जाना है। भौंकने दो…जरूरत नहीं है। वक्त और हालात की नजाकत को समझो। उनके चाल में फंसना नहीं। वो जाल बुन रहे हैं, तुमको फंसाना चाहते हैं। तुम फंसना नहीं! खामोश रहो। जो बोलता है बोलने दो। मुस्कुराओ और चले जाओ।
जैसे मैं मुस्कुरा के जा रहा हूं। कितनी तकलीफ है उनको सिर्फ उनको मालूम….औरंगजेब की मजार पर भी पहुंच ओवैसी इससे पहले अकबरुद्दीन ओवैसी ने गुरुवार को औरंगाबाद जिले के खुलादाबाद इलाके में विवादित मुगल बादशाह औरंगजेब के मकबरे पर गए और फूल चढाया।
ओवैसी के साथ यहां औरंगजेब के मकबरे पर जाने वालों में पार्टी के स्थानीय सांसद इम्तियाज जलील और पार्टी के पूर्व विधायक वारिस पठान भी थे। उनके इस रवैए पर महाराष्ट्र में पहले ही विवाद शुरू हो चुका है।
शिवसेना और मनसे दोनों ने इसकी आलोचना की है। उधर इस पर प्रतिक्रिया देते हुए बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद जय हिंद ने कहा है, ‘ओवैसी भाई नफरत की राजनीति के पीएचडी होल्डर हैं।
लेकिन, शिवसेना की सरकार कांग्रेस, एनसीपी और वोट बैंक के दबाव में हनुमान चालीसा के पाठ पर तो कार्रवाई करती है, लेकिन अकबरुद्दीन के भड़काऊ और आपत्तिजनक बयान पर कोई ऐक्शन नहीं लेती।
जबकि वह उस आतंकवादी औरंगजेब के मकबरे पर गए, जो भारत में अनेको मंदिरों को तोड़ने और हिंदुओं पर जजिया कर लगाने का जिम्मेदार है।’
15 मिनट वाले हेट स्पीच में हो चुके हैं बरी ये वही अकबरुद्दीन ओवैसी हैं, जिनका 15 मिनट वाला बयान काफी कुख्यात है।
इसमें उन्होंने कहा था कि ‘हम 25 करोड़ हैं और तुम 100 करोड़। सिर्फ 15 मिनट के लिए पुलिस हटा लो। फिर पता चलेगा किसमें कितना दम है।’ लेकिन,
इस हेट स्पीच वाले बयान पर पिछले महीने ही उन्हें हैदराबाद की एम-एमएलए स्पेशल कोर्ट से बहुत राहत मिल गई थी। नामपल्ली की स्पेशल कोर्ट ने उन्हें इस भड़काऊ बयान के मामले में बरी कर दिया था।
लाउडस्पीकर विवाद को और भड़काएगा ओवैसी का बयान ? शिवसेना नेता चंद्रकांत खैरे ने भी उनपर विवाद का माहौल पैदा करने का आरोप लगाया है।
गौरतलब है कि मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे ने महाराष्ट्र की उद्धव ठाकरे सरकार को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक मस्जिदों से अवैध लाउडस्पीकरों को हटाने की चुनौती दी हुई है।
ऐसा नहीं करने पर उन्होंने मस्जिदों के बाहर लाउडस्पीकर पर हनुमान चालीसा का पाठ बजाने का ऐलान कर रखा है। लगता है कि इसी से बौखलाकर ओवैसी ने राज पर इतनी अमर्यादित टिप्पणी की है।
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