सच्चा प्यार: पत्नी के शव के साथ 21 साल तक रहा ‘रिटायर फौजी’, अब इस वजह से किया अंतिम संस्कार

नई दिल्ली : सच्चे प्यार की आपने बहुत सी कहानियां सुनी होंगी, लेकिन आज हम आपको ऐसे शख्स के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसने पत्नी की मौत के बाद भी उसका साथ नहीं छोड़ा।
करीब 21 साल तक वो पत्नी के शव के साथ एक कमरे में रहा। अब उन्होंने एक डर की वजह से पत्नी का अंतिम संस्कार कर दिया।
थाई सेना में करते थे काम
ये मामला थाईलैंड के बैंग खैन जिले का है, वहां पर चरण जनवाचकल (Charn Janwatchakal) नाम के शख्स रहते थे। उन्होंने थाई सेना में डॉक्टर के तौर पर काम किया।
21 साल पहले उनकी जिंदगी में सब कुछ सही चल रहा था, लेकिन फिर एक दिन उनकी जिंदगी बदल गई। किसी गंभीर बीमारी की वजह से उनकी पत्नी का निधन हो गया।
बेटे हो गए नाराज
चरण अपनी पत्नी से बहुत ज्यादा प्यार करते थे, वो किसी भी कीमत पर उनसे दूर नहीं जाना चाहते थे। ऐसे में उन्होंने एक हैरान कर देने वाला कदम उठाया। जिसके तहत उन्होंने एक ताबूत बनवाया और उसमें पत्नी के शव को रख दिया।
इसके बाद उसे अपने कमरे में सेट कर दिया। उनके दो बेटों ने उन्हें अंतिम संस्कार के लिए मनाने को कोशिश की, लेकिन वो नहीं माने। इससे नाराज दोनों बेटे भी उनसे दूर चले गए।
अंतिम संस्कार की ये थी वजह
स्थानीय मीडिया के मुताबिक वो अपनी पत्नी के शव के पास जाते और उससे बाते करते। फिर वहीं पर वो सो जाते थे। ऐसा करते-करते 21 साल बीत गए। हाल ही में उनके मन में एक ख्याल आया कि वो बूढ़े हो चुके हैं।
अगर उनका निधन हो गया तो पत्नी के शव के साथ क्या होगा, किसी को पता नहीं। इस वजह से उन्होंने थाई विधि-विधान से उनका अंतिम संस्कार करवाया।
घर पर नहीं थी बिजली-बिस्तर
हाल ही में उनका एक वकील ने इंटरव्यू भी लिया था। जिसमें उन्होंने बताया कि वो जानते हैं कि उनके निधन के बाद पत्नी को उचित सम्मान कोई नहीं देगा, जिस वजह से उन्होंने खुद ही अंतिम संस्कार का फैसला लिया।
वो काफी पढ़े लिखे थे, लेकिन उनके घर पर बिजली, बिस्तर जैसी मूलभूत सुविधाएं नहीं थीं। अब एक संस्था की मदद से उनको सब कुछ उपलब्ध करवाया गया।
घर पर नहीं थी बिजली-बिस्तर
हाल ही में उनका एक वकील ने इंटरव्यू भी लिया था। जिसमें उन्होंने बताया कि वो जानते हैं कि उनके निधन के बाद पत्नी को उचित सम्मान कोई नहीं देगा, जिस वजह से उन्होंने खुद ही अंतिम संस्कार का फैसला लिया।
वो काफी पढ़े लिखे थे, लेकिन उनके घर पर बिजली, बिस्तर जैसी मूलभूत सुविधाएं नहीं थीं। अब एक संस्था की मदद से उनको सब कुछ उपलब्ध करवाया गया।
संपूर्ण खबरों के लिए क्लिक करे
http://jantakikalam.com