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व्लादिमीर पुतिन के राष्ट्रपति पद छोड़ने की अटकलें तेज, इस जासूस को सौंप सकते हैं अपनी शक्तियां

मॉस्को : रूस के राष्ट्रपति भवन से बड़ी खबर निकलकर आ रही है और क्रेमलिन के वरिष्ठ सूत्रों ने दावा किया है, कि बहुत जल्द रूस के राष्ट्रपति कुछ दिनों के लिए अपना पद छोड़ सकते हैं और उनकी जगह पर एक शक्तिशाली शख्स के हाथों में रूस का कमान सौंपा जा सकता है।

क्रेमलिन के बड़े अधिकारी का ये दावा सनसनीखेज है, क्योंकि यूक्रेन युद्ध में अभी तक रूस को कामयाबी नहीं मिली है, लेकिन बताया जा रहा है, कि रूसी राष्ट्रपति अपना पद छोड़ने के लिए मजबूर हो गये हैं।

क्यों इस्तीफा देंगे रूसी राष्ट्रपति? क्रेमलिन के एक अंदरूनी सूत्र ने दावा किया है कि व्लादिमीर पुतिन को यूक्रेन में युद्ध पर नियंत्रण छोड़ने के लिए कुछ दिनों के लिए मजबूर किया जा सकता है, क्योंकि बहुत जल्द उनके कैंसर की सर्जरी होना है।

रिपोर्ट के मुताबिक, रूस के राष्ट्रपति कथित तौर पर सुरक्षा परिषद के प्रमुख और पूर्व-एफएसबी चीफ निकोलाई पेत्रुशेव को देश का बागडोर सौंप सकते हैं। 56 साल के निकोलाई पत्रुशेव को अब तक युद्ध की रणनीति के एक प्रमुख वास्तुकार के रूप में देखा जाता है,

और उन्होंने ही रूसी राष्ट्रपति को आश्वस्त किया था, कि यूक्रेन नव-नाज़ियों से भरा हुआ है। काफी प्रमुख सोर्स ने किया है दावा ब्रिटिश अखबार डेली मेल की रिपोर्ट के मुताबिक, ये काफी असाधारण है,

लेकिन ये दावा क्रेमलिन के बेहद विश्वसनीय सूत्र की तरफ से किया गया है और सूत्र ने तो यहा तक कहा है कि, ये अब निश्चित हो चुका है, कि रूसी राष्ट्रपति पुतिन कैंसर का ऑपरेशन करवाएंगे और इस बीच निकोलाई पत्रुशेव देश का बागडोर संभालेंगे।

आपको बता दें कि, एसवीआर की रिपोर्ट में बताया गया था कि, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुकिन को पेट में कैंसर है, जिसका 18 महीने पहले पता चला था। रिपोर्ट में कहा गया है कि, राष्ट्रपति पुतिन ने सर्जरी करवाने में काफी देरी की है। रूसी राष्ट्ररति को लेकर ये अटकलें उस वक्त आईं हैं,

जब एक और रिपोर्ट में कहा गया है, कि रूसी राष्ट्रपति बहुत जल्द यूक्रेन में अंतिम युद्ध की घोषणा कर सकते हैं और युद्ध को खत्म करने की तरफ बढ़ सकते हैं। अप्रैल में ही होने वाली थी सर्जरी एसवीआर ने दावा किया कि सर्जरी अप्रैल महीने के ही दूसरे हफ्ते में होने वाली थी,

लेकिन यूक्रेन युद्ध की वजह से रूसी राष्ट्रपति ने अप्रैल में सर्जरी नहीं करवाई। आउटलेट ने कहा, ‘पुतिन को सर्जरी कराने की सिफारिश की गई थी, जिसकी तारीख पर चर्चा और विचार-विमर्श की जा रही है’।

रिपोर्ट में कहा गया है कि, ‘ऐसा लगता है कि कोई विशेष तात्कालिकता नहीं है, लेकिन इसमें देरी भी नहीं की जा सकती है।’ रिपोर्ट में ये भी दावा किया गया है कि, ‘रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को ऑन्कोलॉजी है, जिसका पता लेटेस्ट जांच में पता चला है’।

हालांकि, क्रेमलिन ने हमेशा से इन दावों को खारिज किया है, कि पुतिन को कोई बीमारी है। क्रेमलिन का कहना है कि, रूसी राष्ट्रपति पूरी तरह से स्वस्थ हैं। ऑपरेशन की तारीख तय नहीं डेली मेल की रिपोर्ट के मुकाबिक, रूसी राष्ट्रपति से डॉक्टरों ने जोर देकर कहा है,

कि उन्हें अब ऑपरेशन जल्द करवा लेना चाहिए, बावजूद अभी तक ऑपरेशन की तारीख तय नहीं हुई है। क्रेमलिन के सूत्र ने कहा कि, ‘मुझे नहीं पता कि कितने समय में उनके लिए सर्जरी करवाना अत्यंत जरूरी है और कितने वक्त में यह जानलेवा हो जाएगा’।

क्रेमलिन सूत्र ने कहा कि, ‘मुझे लगता है कि यह काफी जल्द होने वाला है।’ ऐसी रिपोर्ट है कि, असल में रूस के राष्ट्रपति पॉवर ट्रांसफर के लिए तैयार नहीं हैं और अपनी जगह पर कुछ वक्त के लिए किसी ‘करीबी’ को ‘चार्ज डी’अफेयर्स’ लगाने के लिए तैयार हैं।

इसीलिए, क्रेमलिन के सूत्र ने कहा है कि, ‘इसलिए, जब पुतिन का ऑपरेशन होगा और जब तक उन्हें होश आएगा, शायद इसमें 2 या तीन दिन लगे, तब तक देश का वास्तविक कमान सिर्फ निकोलाई पत्रुशेव के पास रहेगा।’

हालांकि, ये कदम काफी आश्चर्यजनक होगा, क्योंकि रूसी संविधान के तहत सत्ता पूरी तरह से प्रधानमंत्री मिखाइल मिशुस्तीन के पास होनी चाहिए। निकोलाई पत्रुशेव कौन हैं? आपको बता दें कि, निकोलाई पत्रुशेव की उम्र 56 साल है

और वो रूसी राष्ट्रपकि व्लादिमीर पुतिन के काफी करीबी माने जाते हैं और वो एक लो-प्रोफाइल टेक्नोक्रेट है। आउटलेट ने कहा कि, स्पाईमास्टर पेत्रुशेव, पुतिन की पहली पसंद हैं, रूसी राष्ट्रपति के साथ घंटों बिताते हैं। हालांकि, कई लोगों का मानना है कि,

निकोलाई पत्रुशेव सबसे खराब विकल्प साबित होंगे। कई लोगों का मानना है कि, ‘क्या होगा अगर, अचानक, पुतिन विशेष रूप से गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करने लगते हैं और अगर उनकी बीमारी गंभीर होने लगती है? इस सवाल पर क्रेमलिन के वरिष्ठ सूत्र ने कहा कि,

‘मैं इसको लेकर अब कोई भविष्यवाणी नहीं करना चाहता, ताकि आपको एक बार फिर से आश्वस्त न करूं, क्योंकि इस स्थिति में आपको बहुत आशान्वित नहीं होना चाहिए’।

पुतिन को गंभीर स्वास्थ्य संकट इस महीने की शुरुआत में एक पोस्ट में कहा गया था कि, ‘हमारी जानकारी के अनुसार राष्ट्रपति पुतिन को अकसर चक्कर आने लगते हैं और उन्हें काफी कमजोरी रहने लगी है, और दवा के साइडइफेक्ट्स थे, लिहाजा जिस डॉक्टर ने इस दवा की सिफारिश की थी,

उसे इलाज की प्रक्रिया से हटा दिया गया है और उसकी जांच की जा रही है’। वहीं, रिपोर्ट में कहा गया है कि, दवाओं की उस खेप का भी परीक्षण किया जा रहा है, जो एक ‘अमित्र’ देश से आया था।

निर्वासित रूसी पत्रकारों की हालिया खोजी रिपोर्टों ने दावा किया है कि, पुतिन को थायराइड कैंसर है, और संकेत दिया कि वह लगातार शीर्ष डॉक्टरों की एक टीम से घिरे रहते हैं।

पिछले दिनों रूसी राष्ट्रपति की अपने रक्षा मंत्री के साथ एक तस्वीर सामने आई थी, जिसमें वो डेस्क को अपने दोनों हाथों से मजबूती से पकड़े हुए दिख रहे हैं और उनका चेहरा भी थोड़ा सूजा हुआ था।

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