
तेलंगाना के मुलुगु ज़िला के वेंकटपूर गाँव में एक बहुत ही दर्दनाक और अमानवीय घटना घटी है. यहाँ एक मकान मालिक ने अपने किरायेदार को उस घर में अंतिम साँस लेने की इजाज़त नहीं दी जिसमें वह किराए पर रह रहा था.
इस किरायेदार का स्वास्थ्य बिगड़ रहा था पर उस स्थिति में भी मकान मालिक ने उसे किराए के अपने घर में नहीं जाने दिया. मृतक के रिश्तेदारों के अनुसार,
30 साल का केसोजु लक्ष्मणचारी पेशे से बढ़ई का काम करता था और वह पिछले 20 वर्षों से अपने मां-बाप के साथ किराए के घर में रह रहा था. छह महीने पहले एक भयंकर दुर्घटना में उसकी रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोट लग गयी और वह बिस्तर से उठने के लायक़ नहीं रहा.
यद्यपि उसको एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था पर उसकी हालत नहीं सुधरी. मंगलवार शाम को उसकी स्थिति बिगड़ने लगी और डॉक्टरों ने उसके परिजनों को उसे घर वापस ले जाने की सलाह दी. ऐसे समय में जब उसकी कभी भी मौत हो सकती थी,
उसके मकान मालिक ने लक्ष्मणचारी को अपने घर में आने नहीं दिया. कोई और चारा नहीं होने की वजह से उसके परिवार के लोगों ने उसे श्मशान में रख दिया जहां बुधवार सुबह उसकी मौत हो गयी.
उसकी मौत की खबर मिलने के बाद गाँव के सरपंच अशोक ने स्थानीय पुलिस के सब-इंस्पेक्टर की मदद से उसका अंतिम संस्कार पूरा किया. बाद में लक्ष्मणचारी के मां-बाप ने कहा कि उनके पास रहने को कोई जगह नहीं है और मिशन भगीरथ के तहत गाँव में बनी पानी की टंकी के पास शरण लेंगे.
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