कोरोना में अनाथ हुए बच्चों को देगी सहारा मध्य प्रदेश सरकार, उठाएगी यह जिम्मेदारी…

भोपाल. मोदी सरकार के 7 साल पूरे होने पर एमपी की शिवराज सरकार कोरोना में अनाथ हुए बच्चों को बड़ा सहारा देने के उद्देश्य से शनिवार को मुख्यमंत्री ने ऐलान किया कि 30 मई से मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना शुरू हो रही है।
इस योजना में 24 वर्ष की आयु तक, कोरोना से जिन बच्चों के मां-बाप नहीं रहे हैं, उन्हें 5 हजार रूपये मासिक पेंशन के अलावा प्रति माह राशन तथा नि:शुल्क शिक्षा भी प्रदान की जाएगी। इनमें बड़े बच्चे भी शामिल होंगे। जिन बच्चों के रिश्तेदार उनकी देख-रेख नहीं कर पाऐंगे, उनकी शासकीय बाल गृहों में व्यवस्था की जाएगी.
अभी हालात काबू में हैं
सीएम ने अपने संबोधन में कहा कि सरकार और समाज कोरोना से मिलकर लड़ेंगे। आज हमने कोरोना पर लगभग काबू पा लिया है। आज 75 हज़ार से ज्यादा टेस्ट किये केवल 1640 केस सामने आए हैं। एक समय मे एक्टिव केस एक लाख से ज्यादा हो गए थे आज 30 हज़ार तक सिमट गए है। हमारी कोशिश है जो ICU में हैं उनकी ज़िंदगी बचा लें। पोजिटीवीटी रेट 25% से 2% तक आ गया है। केवल तीन जिलेइंदौर, भोपाल और सागर में पोजिटीवीटी 5% है। मुरैना में केस बढ़े हैं जो चिंता की बात है. 18 जिलों में पोसिटीवीटी 1% से भी कम हो गयी है। कोरोना कर्फ़्यू एक जून से हटेगा।
सीएम ने कहा कि कोरोना कर्फ्यू को धीरे धीरे हटाना है, क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप तय करेंगे ये कैसे होगा। जहां 5% से ज्यादा पोसिटीवीटी है वहां कमेटी तय करेगी क्या खोलना है क्या नहीं ? राजनीतिक, संस्कृति, धार्मिक, आयोजन, मेला, मनोरंजन, स्कूल कॉलेज, कोचिंग, शॉपिंग मॉल, पिकनिक स्पॉट, स्विमिंग पूल. ये अभी कहीं नहीं खुलेंगे. शादी समारोह में भी सीमित होंगे. रविवार को सभी जिलों, ब्लॉक, ग्राम कमिटी की बैठक अनिवार्य तौर पर होगी और ये तय होगा कि एक जून से क्या खुलेगा.