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सलमान खान जैसी बॉडी लेकिन हड्डियों में जान नहीं, जानें क्या हैं सप्लीमेंट के साइड इफेक्ट्स

Side Effects of taking body building Supplements: आज कॉलेज गोइंग स्टूडेंट्स हो या फिर कोई वयस्क, बॉलीवुड के दंबग सलमान खान जैसी बॉडी पाना हर किसी का सपना है।

सलमान खान अपनी एक्टिंग और पर्सनालिटी की वजह से लाखों लोगों के दिलों पर राज करते हैं। उनके फॉलोअर्स उनकी तरह बनने और दिखने के लिए कई तरह की कोशिशों में भी लगे रहते हैं।

ऐसी ही एक कोशिश है सलमान खान की तरह बॉडी पाना। जिसके लिए फिटनेस फ्रीक युवा अपनी डाइट में कई तरह के सप्लीमेंट और स्टेरॉयड जैसी चीजों को भी जोड़ लेते हैं। जो मसल्स बनाने का काम करते हैं।

शरीर को मसल्स बिल्ड करने के लिए प्रोटीन देना जरूरी है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आप जिस प्रोटीन पाउडर (Protein Powders) को हेल्दी समझकर खा रहे हैं वह आपकी सेहत को नुकसान भी पहुंचा सकता है।

सलमान खान ने भी अपने कई इंटरव्यू में भी फैंस को स्टेरॉयड का सेवन न करने की सलाह दी हुई है। दरअसल, जल्दी बॉडी बनाने के लिए इस तरह की चीजों का सेवन लीवर और किडनी पर बुरा असर डालता है।

अगर आप भी फिटनेस फ्रीक हैं और सलमान खान जैसी बॉडी बनाने के लिए कोई सप्लीमेंट लेने की सोच रहे थे तो, ऐसा करने से पहले यह खबर जरूर पढ़ें।

हेल्थ सप्लीमेंट क्या है?-

हेल्थ सप्लीमेंट यानी शरीर में विटामिन्स और प्रोटीन की कमी को पूरा करने वाली दवाइयां, इंजेक्शन या पाउडर। जिम करने वाले लोग जो जल्दी बॉडी बनाने के चक्कर में रहते हैं

वो इन चीजों का सेवन अधिक मात्रा में करते हैं ताकि उनकी बॉडी जल्दी शेप में आ जाए। लेकिन नेचुरल प्रोटीन न लेने पर या इसकी मात्रा अधिक लेने पर व्यक्ति को कई तरह की दिक्कतें हो सकती हैं।

शरीर को असल में कितने प्रोटीन की ज़रूरत-

यदि किसी 60 किलो के वजन वाले व्यक्ति की किडनी पूरी तरह स्वस्थ है तो उसे रोजाना दिन में सिर्फ 60 ग्राम ही प्रोटीन लेना चाहिए। जो उसे दाल, मछली, चिकन, मटन और सब्जियों से मिल सकता है।

लेकिन अक्सर देखा जाता है कि युवा जल्दी बॉडी बनाने के चक्कर में एक ही दिन में 300-400 ग्राम तक प्रोटीन खा लेते हैं। जिसका बुरा असर किडनी पर होता है। इतनी मात्रा में शरीर प्रोटीन को पचा नहीं पाता।

जिसका खामियाज़ा किडनी को भुगतना पड़ता है। इसके अलावा बाज़ार में मिलने वाले कई प्रोटीन शेक या हेल्थ सप्लीमेंट में कई तरह की मिलावट होती है जो तुरंत किडनी को नुकसान पहुंचाने का काम करती है।

चार तरह के होते हैं बॉडी सप्लीमेंट्स-

वेट गेनर सप्लीमेंट्स-

वेट गेनर सप्लीमेंट्स वजन बढ़ाने वाले सप्लीमेंट्स होते हैं। जो पाउडर के रूप में बाजार में मिलते हैं। इनमें प्रोटीन का स्तर काफी ऊंचा होता है। यही वजह है कि इन्हें बिना किसी एक्सपर्ट की सलाह लिए बिना यूज नहीं करना चाहिए।

डाइट से हमारे शरीर में जाने वाला प्रोटीन धीरे-धीरे काम करता है, जबकि इन प्रोटीन सप्लीमेंट्स से शरीर में जो आर्टिफिशियल प्रोटीन जाता है वो अपना असर तुरंत दिखाता है। हमारा शरीर इतना प्रोटीन सहन नहीं कर पाता और पाचन संबंधी परेशानियों का कारण बनता है।

प्रोटीन शेक्स- 

प्रोटीन शेक्स भी पाउडर के रूप में ही मिलते हैं। इन्हें जूस या दूध के साथ मिलाकर लिया जाता है। इनका इस्तेमाल भी वजन बढ़ाने के लिए ही किया जाता है।डाइटिशियन मानते हैं

कि प्रोटीन पाउडर लेने से शरीर में न्यूट्रिशन का असंतुलन भी हो सकता है। प्राकृतिक प्रोटीन के स्रोत वाले खाद्य जैसे अंडे, दूध, मटन वगैरह लेने से ऐसा होने की संभावना कम होती है।

एनाबोलिक स्टेरॉयड-

एनाबोलिक स्टेरॉयड को इंजेक्शन और कैप्सूल के तौर पर लिया जाता है। एनाबोलिक स्टेरॉयड का असर जितनी जल्दी दिखाई देता है, उतनी ही जल्दी इसका साइड इफेक्ट भी होता है। इसके लगातार प्रयोग से पुरुष मेल हार्मोस और प्रजनन क्षमता पर विपरीत असर पड़ता है।

वेट लूज सप्लीमेंट्स-

वेट लूज करने वाली ड्रग्स में क्रोमियम का इस्तेमाल किया जाता है, जो मधुमेह रोगियों को दिया जाता है। ये ड्रग्स आठ से दस मिनट के अंदर ही वसा को जलाना शुरू कर देती हैं। लेकिन इससे शरीर में पानी की कमी होने लगती है, शरीर में पानी की कमी होने के कारण डीहाइड्रेशन हो जाता है, जिससे मौत भी हो सकती है।

सप्लीमेंट के साइड इफेक्ट्स –

-यूं तो प्रोटीन हमारे शरीर के डैमेज पार्ट को रिकवर करने का काम करता है लेकिन रेगुलर हाई प्रोटीन डाइट लेने से शरीर को फायदा नहीं बल्कि कुछ नुकसान भी होते हैं।

-बोन डिसॉर्डर हड्डियों से जुड़ा एक रोग है। साल 2013 में लॉनिस डेलीमैरिस के नेतृत्व में हुई एक स्टडी बताती है कि हाई प्रोटीन डाइट का अत्यधिक सेवन हमारी हड्डियों के लिए खतरनाक साबित हो सकता है।

-हाई प्रोटीन डाइट शरीर में जेनरेट हुआ एसिड ‘लॉस ऑफ कैल्शियम’ की समस्या पैदा करता है ।

-कुछ कंपनियों के प्रोटीन पाउडर में काफी मात्रा में टॉक्सिक मेटेल्स् यानी विषाक्त पदार्थ होते हैं। जो शरीर के लिए नुकसानदायक हैं। इन्हें लेने से सरदर्द, फेटीग्यू, कब्ज और मांसपेशियों में दर्द की शिकायत हो सकती है।

-अध्ययनों से पता चला है कि प्रोटीन सप्लिमेंट लेने से मुंहासों की समस्या बढ़ सकती है। ऐसा इसलिए क्योंकि इस तरह के प्रोटीन पाउडर्स में कई तरह के हारमोंस और बायोएक्टिव पेपटिड्स होते हैं। जो सीबम निर्माण को बढ़ा देते हैं।

-कई पाउडर में कुछ ऐसे विषाक्त तत्व होते हैं, जिनकी वजह से सिरदर्द, तनाव, कब्ज और मांसपेशियों में दर्द जैसी समस्याएं होती है। प्रोटीन के लिए पाउडर लेने की बजाय उसके खाद्य स्रोतों पर बल देना चाहिए।

-जानवरों से मिलने वाला प्रोटीन कोरोनरी हार्ट डिसीज (सीएचडी) का जोखिम बढ़ाता है यानी ये कार्डियोवस्क्युलर डिसीज की समस्या पैदा कर सकता है।

-एक्सरसाइज करने के बाद प्रोटीन पाउडर लेने से इंसुलिन में बढ़ोतरी होती है। नियमित तौर पर प्रोटीन पाउडर लिया जाए तो इंसुलिन भी नियमित रूप से बढ़ती जाती है ।

-हाई प्रोटीन डाइट की वजह से लोगों में किडनी स्टोन का खतरा बढ़ जाता है। हार्वर्ड यूनिवर्सिटी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, शरीर में यूरिक एसिड लेवल और जानवरों से मिलने वाले प्रोटीन की खपत गुर्दे में पथरी की समस्या बढ़ाती है।

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