दुर्ग

45 हजार मजदूर कर रहे मनरेगा में काम, इसमें 76 प्रतिशत महिलाएं

-मनरेगा में सबसे ज्यादा जोर जल संरक्षण पर

दुर्ग / मनरेगा योजना के माध्यम से दुर्ग जिले में जलसंरक्षण की नई तस्वीर तैयार हो रही है। गाँव-गाँव में मजदूर जल संरक्षण से जुड़ी संरचनाओं का निर्माण कर रहे हैं। अच्छी बात यह है कि मनरेगा के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक आजादी मिल रही है। 45 हजार मजदूर जिले में काम कर रहे हैं इसमें 76 प्रतिशत महिलाएं हैं। जिले में ब्लाक स्तर पर देखें तो मनरेगा के माध्यम से काम पाने वालों में दुर्ग जनपद की महिलाएं अग्रणी रही हैं।

यहां 80 प्रतिशत महिलाओं को काम मिला है। पाटन प्रतिशत में थोड़ा ही पीछे है और यहां लगभग 79 फीसदी लोगों को काम मिला है। धमधा ब्लाक में 71 प्रतिशत महिलाएं कार्य कर रही हैं। काम की प्रकृति पर नजर डालें तो सबसे ज्यादा काम भूमिसुधार पर हो रहे हैं।

सरकार की नरवा, गरुवा, घुरूवा, बाड़ी योजना के माध्यम से कृषि की तस्वीर बेहतर हुई है और इसके चलते लोग कृषि की ओर लौट रहे हैं। इसके चलते भूमिसुधार के कार्यों की संख्या भी तेजी से बढ़ी है। जिले में 1430 कार्य भूमि सुधार से संबंधित स्वीकृत किये गये हैं। इसके बाद नरवा स्ट्रक्चर पर, नहर नालियों पर काम चल रहा है। सिपकोना सहित अन्य नहर लाइनिंग में बरसों से जमी गाद निकाली गई और अभी भी मनरेगा के माध्यम से नहर नाली निर्माण के कार्य चल रहे हैं। इस बार 412 कार्य नहर नाली से संबंधित स्वीकृत किये गये हैं।

नाला जीर्णाेद्धार के 286 कार्य स्वीकृत किये गये हैं। चेकडेम और स्टापडैम के रख-रखाव न होने की वजह से काफी नुकसान हो रहा था। इसके लिए भी 96 कार्य स्वीकृत किये गये हैं। गौठानों में मुर्गीपालन से संबंधित कार्यों को बढ़ावा दिया गया है। 10 मुर्गी शेड मनरेगा के माध्यम से स्वीकृत किये गये हैं। धान संग्रहण केंद्रों में चबूतरा निर्माण जैसे कार्य भी स्वीकृत किये गये हैं। इसके अंतर्गतत 32 कार्य आरंभ किये गये हैं।

इस संबंध में जानकारी देते हुए जिला पंचायत सीईओ श्री अश्विनी देवांगन ने बताया कि हमारा उद्देश्य है कि अधिकतम रोजगार सृजन कर पायें और इसके लिए अधिकारियों को निर्देशित किया गया है। खुशी की बात यह है कि मनरेगा के माध्यम से हम ऐसी संरचनाएं खड़ी कर पा रहे हैं जिससे दीर्घकालीन विकास का ढांचा जिले में तैयार हो रहा है।

उल्लेखनीय है कि जिला दुर्ग के समस्त 304 ग्राम पंचायतों में मनरेगा श्रमिकों के साथ कोविड प्रोटोकल का पालन करते हुए, रोजगार दिवस भी मनाया गया तथा मनरेगा से संबंधित विभिन्न जानकारियों के साथ-साथ कोविड के तीसरे लहर से बचाव हेतु आवश्यक सावधानियां जैसे कोविड टीकाकरण कराने मनरेगा कार्यस्थल में दो गज की दूरी का पालन करने, एक दूसरे का औजार न छूने, मास्क अथवा गमछे का उपयोग करने तथा मौसमी बीमारियों से बचाव के उपाय पर जानकारी भी प्रदाय की गई।

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