दुर्ग

3 से 6 फीट बढ़ गया नरवा योजनाओं से वाटर लेवल, अभी साढ़े तीन हजार प्रोजेक्ट्स पर हो रहे काम

-मनरेगा के अंतर्गत नाला बंधान के कार्यों को देखने ग्राम पंचायत देउर झाल एवं सांतरा पहुंचे कलेक्टर
-प्रसन्न ग्रामीणों ने कहा कि नाला बंधान के कार्यों से नाले में अभी भी दिख रहा पानी, दो फीट ऊंचाई और बढ़ाए तो और भी होगा जलसंरक्षण, कलेक्टर ने दिये निर्देश

दुर्ग / जिले में नरवा योजनाओं से भूमिगत जल के स्तर में बड़ा परिवर्तन लक्षित किया गया है। जिन नालों में प्रोजेक्ट्स पूरे हो चुके हैं, वहां पर वाटर लेवल 3 फीट से 6 फीट तक बढ़ चुका है। फिलहाल पांच हजार प्रोजेक्ट्स स्वीकृत हुए हैं और इनमें से साढ़े तीन हजार प्रोजेक्ट्स पर तेजी से कार्य हो रहा है। आज इन प्रोजेक्ट्स की प्रगति की जानकारी लेने कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे आज पाटन क्षेत्र के भ्रमण पर रहे । उन्होंने मनरेगा के अंतर्गत कराए जा रहे नाला बंधान के कार्यों को देखा ।

कलेक्टर ग्राम पंचायत पतोरा के आश्रित ग्राम देउर झाल के गजरा नाला में कराए जा रहे नाला बंधान के कार्यों को देखा। ग्रामीणों ने बताया कि नाला बंधान के कार्यों से वाटर लेवल काफी बढ़ा है। नाले में अच्छा पानी है। नाला बंधान को दो फीट और बढ़ा दिया जाए तो इसके और बेहतर परिणाम होंगे। कलेक्टर ने अधिकारियों को इसके लिए निर्देशित किया। उन्होंने इस कार्य को महती जवाबदारी के साथ पूरा कराने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया । कलेक्टर ने कहा कि नरवा बंधान का कार्य जल संरक्षण के लिए अति महत्वपूर्ण है । इससे वर्षा जल सहित प्राकृतिक जल को सहेजने में मदद मिलेगी ।

जिसका उपयोग कृषि सिंचाई सहित जल संरक्षण के लिए किया जा सकेगा । साथ ही वाटर लेवल वाटर रिचार्ज में भी मदद मिलेगी। कलेक्टर ने ग्राम पंचायत सांतरा के गजरा नाला में चल रहे बंधान कार्य को भी देखा । कलेक्टर ने ग्राम पंचायत के सरपंच से पिछले साल में किए गए कार्य से हुए फायदे की जानकारी ली । ग्राम पंचायत के सरपंच ने बताया कि पिछले साल हुए बंधान कार्य से इस साल नाला भरा हुआ है। नाले में पानी है । जिसका उपयोग आसपास के किसान सिंचाई के लिए उपयोग में ला रहे हैं। नाले पर किए गए बंधान कार्य की ऊंचाई को 2 फीट और बढ़ाने की मांग किया।

जिस पर कलेक्टर ने तत्काल स्वीकृति देते हुए जिला पंचायत सीईओ को इस संबंध में कार्रवाई करने निर्देश दिये। दूसरे चरण में 5 हजार प्रोजेक्ट हुए स्वीकृत। जिला पंचायत सीईओ  अश्विनी देवांगन ने बताया कि जिले में नरवा प्रोजेक्ट का बहुत अच्छा परिणाम आया है और जहां पर योजनाएं पूरी हो चुकी हैं, वहां लोग रबी फसल भी ले रहे हैं। जनवरी के आखरी सप्ताह तक जहां कई बोरवेल में पानी का स्तर नीचा चला जाता था। अब यहां पर पानी का स्तर ऊंचा हो गया है। सीईओ ने कहा कि नरवा का दूसरा चरण पूरा होने से इसका शानदार जमीन असर नजर आयेगा।

कलेक्टर ने कहा कि नरवा योजना भूमिगत जल के संवर्धन के लिए वरदान साबित हुई है। जितनी तेजी से इन योजनाओं पर क्रियान्वयन होगा, जमीन नतीजे उतने ही बेहतर आयेंगे।
उल्लेखनीय है कि जिले में नरवा अंतर्गत स्वीकृत कुल रिचार्जपीट/शोकपीट 1565 निर्माण स्वीकृत किया गया है, वृक्षारोपण 55 निर्माण कार्य, भूमि सुधार 1086 निर्माण कार्य, नया तालाब 180 निर्माण कार्य, नाली निर्माण 187 कार्य, तालाब गहरीकरण 346, चेक डेम 3, निर्माण कार्य, कुँआ 1, डाईक 89,  डब्ल्यूएटी निर्माण 1487 कार्य, नाला जीर्णाेद्वार 9 अर्दन गली प्लम 41, बैक प्रोटेक्शन 4, ब्रश वुड चेक 251 निर्माण कार्य स्वीकृत किया गया है।  कुल 5304 निर्माण कार्य स्वीकृत किया गया, जिसमें 998 निर्माण कार्य पूर्ण किया गया है।

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