संयंत्र के बीएमडीसी में ईआरपी–प्लांट मेंटेनेंस प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ…

सेल- भिलाई इस्पात संयंत्र के अंतर्गत बीएमडीसी में मानव संसाधन- ज्ञानार्जन एवं विकास विभाग द्वारा ईआरपी–प्लांट मेंटेनेंस (SAP PM मॉड्यूल) पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य मेंटेनेंस प्लानिंग, उपकरण प्रबंधन तथा ईआरपी प्रणाली के प्रभावी उपयोग को सुदृढ़ करना है, जिससे संयंत्र की कार्यकुशलता एवं विश्वसनीयता में वृद्धि सुनिश्चित की जा सके।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में विभिन्न विभागों से कुल 31 प्रतिभागी भाग ले रहे हैं, जिन्हें प्रिवेंटिव मेंटेनेंस, ब्रेकडाउन विश्लेषण, उपकरण स्वास्थ्य निगरानी तथा कैपिटल रिपेयर प्लानिंग से संबंधित सैप पीएम आधारित प्रक्रियाओं पर विस्तृत प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है।
उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में मुख्य महाप्रबंधक (मैकेनिकल) प्रमोद कुमार उपस्थित रहे। इस अवसर पर महाप्रबंधक प्रभारी एवं विभागाध्यक्ष (एचआर–एल एंड डी) संजीव कुमार श्रीवास्तव, महाप्रबंधक (सी एंड आईटी) अजय सचदेव तथा महाप्रबंधक (एचआर–एल एंड डी, बीएमडीसी) सौरभ वार्ष्णेय सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।

स्वागत उद्बोधन प्रस्तुत करते हुए महाप्रबंधक प्रभारी एवं विभागाध्यक्ष (एचआर–एल एंड डी) संजीव कुमार श्रीवास्तव ने कार्यक्रम की पृष्ठभूमि पर प्रकाश डालते हुए मेंटेनेंस प्रबंधन में ईआरपी प्रणाली के प्रभावी उपयोग के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने बेहतर योजना, सतत मॉनिटरिंग तथा डेटा आधारित निर्णय प्रक्रिया के लिए SAP PM (सैप पीएम) में दक्षता विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया।
महाप्रबंधक (सी एंड आईटी) अजय सचदेव ने अपने संबोधन में SAP PM (सैप पीएम) मॉड्यूल के विभिन्न पहलुओं, जैसे इक्विपमेंट मास्टर निर्माण, प्रिवेंटिव मेंटेनेंस प्लानिंग, ब्रेकडाउन रिपोर्टिंग एवं ऑडिट अनुपालन में ईआरपी की भूमिका को विस्तार से समझाया। उन्होंने प्रणाली के अनुशासित उपयोग एवं सटीक डेटा प्रविष्टि के महत्व पर भी विशेष जोर दिया।

मुख्य अतिथि मुख्य महाप्रबंधक (मैकेनिकल) प्रमोद कुमार ने अपने उद्बोधन में उपकरणों की विश्वसनीयता बढ़ाने, मेंटेनेंस संसाधनों के बेहतर उपयोग तथा संयंत्र प्रदर्शन में सुधार हेतु SAP PM (सैप पीएम) की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने प्रतिभागियों को प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त ज्ञान को अपने कार्यक्षेत्र में प्रभावी रूप से लागू करने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के तकनीकी सत्रों में तकनीकी ऑब्जेक्ट्स की मैपिंग, उपकरण मास्टर से स्पेयर्स लिंकिंग, प्रिवेंटिव मेंटेनेंस प्लानिंग एवं निष्पादन, कैपिटल रिपेयर प्लानिंग, आरसीए एवं सीएपीए के माध्यम से ब्रेकडाउन विश्लेषण तथा उपकरण स्वास्थ्य निगरानी जैसे महत्वपूर्ण विषयों को शामिल किया गया है।
उद्घाटन सत्र का समापन महाप्रबंधक (एचआर–एल एंड डी, बीएमडीसी) सौरभ वार्ष्णेय द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। कार्यक्रम का समन्वयन अभिनव विश्वकर्मा द्वारा किया गया व संचालन सुश्री वैभव लक्ष्मी दुबे द्वारा किया गया।
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