
भिलाई नगर :- चैत्र पूर्णिमा के पावन अवसर पर शहर में श्री हनुमंत जन्मोत्सव बड़े श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। इसी कड़ी में कोहका स्थित बीरा जी के अंगना में सर्व समाज कल्याण समिति के अध्यक्ष इंद्रजीत सिंह छोटू के नेतृत्व में हर्षोल्लास के साथ हनुमान जी का जन्मोत्सव मनाया गया।
इस मौके पर धार्मिक कार्यक्रमों की श्रृंखला के तहत हनुमान चालीसा पाठ, हवन-पूजन एवं महाभंडारे का भव्य आयोजन किया जा रहा है।सर्व कल्याण समाज समिति के अध्यक्ष इंद्रजीत सिंह छोटू ने बताया कि यह धार्मिक आयोजन बीरा जी के अंगना, कोहका भिलाई में आयोजित किया गया।
प्रातः 11:00 बजे से धार्मिक कार्यक्रम प्रारंभ किया गया। वहीं महाभंडारा दोपहर 1 बजे से शुरू हुआ। इससे पहले कार्यक्रम में महंत कान्हा जी महाराज एवं देवा जी महाराज की विशेष उपस्थिति में अभिषेक पूजन के साथ हनुमान चालीसा पाठ किया गया। इस अनुष्ठान में सर्व समाज के लोगों की उपस्थिति रही। शहर के आम नागरिक से लेकर सभी वर्गों के लोगों ने आकर पूजा अर्चना किया। धार्मिक आस्था और भक्ति से ओतप्रोत इस आयोजन को लेकर क्षेत्र में उत्साह का माहौल बना रहा।




शहर में हनुमान जन्मोत्सव का पर्व आस्था और उत्साह के अनूठे संगम के रूप में मनाया गया। जिले के चप्पे-चप्पे में जय श्री राम और जय बजरंगबली के उद्घोष गूंजते रहे। सुबह की पहली किरण के साथ ही मंदिरों में भक्तों का तांता लग गया, जहाँ श्रद्धालुओं ने बजरंगबली को सिंदूर का चोला अर्पित कर सुख-समृद्धि की कामना की।





कोहका स्थित बीरा के अंगना में समाजसेवी इंद्रजीत सिंह द्वारा एक भव्य और अनुशासित कार्यक्रम आयोजित किया गया, जो आकर्षण का केंद्र रहा। यहाँ की मुख्य विशेषताएं निम्नलिखित रहीं, वहीं द्वान 51 पंडितों के सानिध्य में हनुमान चालीसा का सस्वर पाठ किया गया, जिससे पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से भर उठा।






साथ ही केवल धार्मिक ही नहीं, बल्कि सामाजिक सरोकार को जोड़ते हुए बच्चों के लिए कराटे डेमो क्लास का आयोजन हुआ, वहीं बच्चियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए उन्हें विशेष आत्मरक्षा प्रशिक्षण प्रदान किया गया, ताकि वे आत्मविश्वासी और सशक्त बन सकें।






कार्यक्रम के दौरान समाजसेवी इंद्रजीत सिंह ने सभी के कल्याण की कामना की। वहीं उपस्थित गणमान्य अतिथियों ने इस बात पर जोर दिया कि हनुमान जी के साहस और सेवा भाव को जीवन में उतारना ही सच्ची पूजा है। वर्तमान में मोहल्लों और मंदिरों में युवाओं व महिलाओं की बढ़ती सक्रियता ने जिले के धार्मिक और सामाजिक वातावरण को और अधिक सकारात्मक व ऊर्जावान बना दिया है, भंडारे और जगह-जगह निकली शोभायात्राओं ने इस उत्सव को जन-जन का पर्व बना दिया।
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