
सेल- भिलाई इस्पात संयंत्र के सिंटर प्लांट–3 की मशीन–2 में नोडुलाइज़र बाय-पास च्यूट एवं फ्लैप गेट का दिनांक 27 मार्च 2026 को सफलतापूर्वक कमीशनिंग एवं उद्घाटन किया गया। यह उपलब्धि संयंत्र के संचालन में लचीलापन, विश्वसनीयता एवं अनुरक्षण दक्षता को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
उद्घाटन समारोह का शुभारंभ मुख्य महाप्रबंधक प्रभारी (एम एंड यू) बी. के. बेहरा द्वारा किया गया। इस अवसर पर मुख्य महाप्रबंधक (इलेक्ट्रिकल) कृष्ण कुमार, मुख्य महाप्रबंधक (शॉप्स) एच. के. सचदेव, मुख्य महाप्रबंधक (मैकेनिकल) पी. के. सिंह तथा मुख्य महाप्रबंधक (ओएचपी एवं एसपी–3) सजीव वर्गीस सहित संयंत्र के अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित रहे। परियोजना का सफल क्रियान्वयन में सभी के मार्गदर्शन एवं सहयोग रहा।
यह उपलब्धि महाप्रबंधक (एमएम, एसपी–3) आई. वी. रमण के नेतृत्व में एसपी–3 की टीम का विशेष योगदान रहा, जिनमें महाप्रबंधक ए. के. बेडेकर एवं आर. डी. शर्मा, उप महाप्रबंधक एम. यू. राव, सहायक महाप्रबंधक डी. के. गुप्ता एवं विकास पिपरानी, वरिष्ठ प्रबंधक ओम नमः शर्मा, जितेश एच. सहानी, विपिन मौर्य, अरुणेश शर्मा तथा राहुल सिंह शामिल रहें।
नोडुलाइज़र, सिंटर मशीन के संचालन का एक अत्यंत महत्वपूर्ण उपकरण है, जिसके अनुरक्षण हेतु पूर्व में संपूर्ण मशीन को बंद करना पड़ता था। अब बाय-पास च्यूट एवं फ्लैप गेट की स्थापना के पश्चात नोडुलाइज़र का अनुरक्षण बिना सिंटर मशीन को पूर्णतः बंद किए किया जा सकेगा, जिससे उत्पादन की निरंतरता सुनिश्चित होगी।
इस नवीन व्यवस्था के लागू होने से नोडुलाइज़र में किसी भी खराबी की स्थिति में संपूर्ण सिंटर मशीन के ठप होने का जोखिम काफी हद तक कम हो गया है तथा अब इसे केवल सीमित अवधि के अल्पकालिक शटडाउन तक नियंत्रित किया जा सकेगा। साथ ही, नोडुलाइज़र की कैपिटल रिपेयर अब स्वतंत्र रूप से संभव होगी, जिसके लिए पूरी सिंटर मशीन की कैपिटल रिपेयर की आवश्यकता नहीं होगी। इससे अनुरक्षण योजना, संसाधनों के बेहतर उपयोग एवं परिचालन दक्षता में उल्लेखनीय सुधार अपेक्षित है।
इस उपलब्धि में संयंत्र के विभिन्न विभागों का भी सहयोग प्राप्त हुआ, जिनमें महाप्रबंधक (ईडीडी) मेजी मेजर सिंह, उप महाप्रबंधक (ईडीडी) देवेंद्र सोनार, महाप्रबंधक (एफ एंड एसएस) जितेंद्र मोटवानी तथा महाप्रबंधक (सीपीडी) राजीव सोनटेके शामिल हैं।
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