
दुर्ग। नगर पालिक निगम दुर्ग द्वारा शहर की जीवनदायिनी शिवनाथ नदी को प्रदूषण से बचाने एक बड़ी पहल की जा रही है। इसके तहत शंकर नाला एवं पुलगांव नाला के गंदे पानी का शुद्धिकरण कर उसे नदी में छोड़े जाने के लिए उरला क्षेत्र में अत्याधुनिक सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) का निर्माण किया जाएगा। इसी क्रम में आज महापौर श्रीमती अलका बाघमार ने उरला स्थित प्रस्तावित निर्माण स्थल का निरीक्षण कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि यह नगर निगम की एक महत्वाकांक्षी परियोजना है, जिसका जल्द ही मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा भूमिपूजन किया जाएगा, इसलिए सभी आवश्यक तैयारियां शीघ्र प्रारंभ की जाएं।
निरीक्षण के दौरान महापौर ने जल कार्य विभाग प्रभारी श्रीमती लीना दिनेश देवांगन एवं लोक कर्म विभाग प्रभारी देवनारायण चंद्राकर, पार्षद रेशमा सोनकर,सरस निर्मलकर,भवन अधिकारी प्रकाशचंद थवानी,उपअभियंता मोहित मरकाम के साथ शंकर नाला के अंतिम छोर, उरला अटल आवास के पीछे शिवनाथ नदी और नाला संगम स्थल का जायजा लिया।
लगभग 5 एकड़ क्षेत्र में बनने वाले इस प्रोजेक्ट स्थल पर उन्होंने अधिकारियों को भूमि की सुरक्षा, सीमांकन (मार्किंग) एवं अन्य प्रारंभिक व्यवस्थाएं जल्द पूर्ण करने के निर्देश दिए।
🔘उल्लेखनीय है कि नाला ट्रीटमेंट प्लांट की यह योजना लंबे समय से चर्चा में रही है।नगर निगम प्रशासन द्वारा विभिन्न प्रशासनिक प्रक्रियाओं को पूर्ण करते हुए टेंडर प्रक्रिया में तेजी लाई गई, जिसके बाद राज्य शासन की स्वीकृति मिलने पर चेन्नई की एक कंपनी को लगभग 129 करोड़ रुपए की लागत से कार्य का वर्क ऑर्डर जारी कर दिया गया है।
यह दुर्ग शहर के विकास की दिशा में अब तक का सबसे बड़ा प्रोजेक्ट माना जा रहा है।इस महत्वपूर्ण कार्य का भूमिपूजन मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव एवं शहर विधायक व कैबिनेट मंत्री गजेंद्र यादव सहित सभापति श्याम शर्मा के अलावा अन्य जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में प्रस्तावित है।
🔘इसके लिए मुख्यमंत्री कार्यालय को सूचना भेज दी गई है और अब तिथि की प्रतीक्षा की जा रही है। निरीक्षण के दौरान संबंधित विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।
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