छत्तीसगढ़भिलाई

उत्पादकता और प्रगति के नवाचारी प्रयास एपेक्स अवार्ड से सम्मानित…

सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र के इंडस्ट्रियल इंजीनियरिंग विभाग (आईईडी) द्वारा दिनांक 27 फरवरी 2025 को महात्मा गांधी कलामंदिर सभागार में भिलाई स्टील सुझाव योजना के अंतर्गत एपेक्स पुरस्कार वितरण कार्यक्रम का आयोजन भिलाई इस्पात संयंत्र के निदेशक प्रभारी चित्त रंजन महापात्र के मुख्य आतिथ्य में किया गया।

कार्यक्रम का उद्देश्य संयंत्र में नवाचार, रचनात्मकता एवं सतत सुधार की सशक्त कार्य-संस्कृति को प्रोत्साहित करना तथा उत्कृष्ट सुझावों को सम्मानित करना था। इस अवसर पर भिलाई इस्पात संयंत्र के कार्यपालक निदेशक (वित्त एवं लेखा) प्रवीन निगम, कार्यपालक निदेशक (मानव संसाधन) पवन कुमार, कार्यपालक निदेशक (वर्क्स) राकेश कुमार, कार्यपालक निदेशक (रावघाट), सीएमएलओ  अरुण कुमार, कार्यकारी कार्यपालक निदेशक (सामग्री प्रबंधन) के. सी. मिश्रा सहित मुख्य महाप्रबंधकगण, वरिष्ठ अधिकारीगण, 77 पुरस्कार विजेता एवं उनके परिजन उपस्थित रहे।

वर्ष 2024–25 के दौरान संयंत्र के विभिन्न शॉप्स एवं विभागों से कुल 3,850 सुझाव प्राप्त हुए, जो कर्मचारियों की सक्रिय सहभागिता एवं सतत सुधार की सुदृढ़ संस्कृति को प्रतिबिंबित करते हैं। इनमें से क्षेत्रीय पुरस्कार समितियों द्वारा 70 सुझावों को एपेक्स स्तर पर विचारार्थ अनुशंसित किया गया। तत्पश्चात, कार्यपालक निदेशक (वर्क्स) की अध्यक्षता में गठित एपेक्स पुरस्कार समिति द्वारा विभिन्न श्रेणियों में 16 टीमों का चयन प्रतिष्ठित एपेक्स पुरस्कार हेतु किया गया।

पुरस्कार वितरण के अंतर्गत 3 टीमों को श्रेणी-1, 5 टीमों को श्रेणी-2 तथा 8 टीमों को श्रेणी-3 पुरस्कार प्रदान किए गए। श्रेणी-1 के अंतर्गत सर्वश्रेष्ठ सुझाव हेतु ‘डॉ. बी.आर. आंबेडकर पुरस्कार’ एसएमएस-3 एवं आईडब्ल्यू विभागों की एक क्रॉस-फंक्शनल टीम को उनके अभिनव प्रोजेक्ट “एसएमएस-3 में यूआरएम हेतु ब्लूम्स की प्रिसीजन कास्टिंग के लिए आंतरिक संसाधनों के माध्यम से विकसित ब्लूम वज़न (वेइंग) प्रणाली का क्रियान्वयन तथा उत्पादन प्रक्रिया का अनुकूलन” (Implementation of In-house Bloom Weighing System for Precision Casting of Blooms for URM and Process Optimisation at SMS-3) के लिए प्रदान किया गया।

मुख्य अतिथि चित्त रंजन महापात्र द्वारा विजेता टीमों को प्रशस्ति पत्र और नकद पुरस्कार का टोकन प्रदान कर सम्मानित किया, जो विजेताओं के अगले वेतन के माध्यम से क्रेडिट किया जाएगा। साथ ही बेस्ट सजेशन का पुरस्कार जीतने वाली एसएमएस-3 एवं आईडब्ल्यू विभाग की टीम को मुख्य अतिथि द्वारा प्रतीक चिन्ह और एवं सेलम स्टील प्लांट का डिनर सेट प्रदान किया गया।

अपने संबोधन में मुख्य अतिथि चित्तरंजन महापात्र ने कहा कि वर्तमान प्रतिस्पर्धी व्यावसायिक परिवेश में संगठन केवल निरंतर अनुकूलन, सुधार एवं नवाचार के माध्यम से ही दीर्घकालिक सफलता प्राप्त कर सकता हैं। उन्होंने रेखांकित किया कि नवाचारी कार्य-संस्कृति को प्रोत्साहित करना संगठन की प्रगति का मूल आधार है।

उन्होंने कहा कि एपेक्स पुरस्कार कर्मचारियों को पारंपरिक सीमाओं से आगे बढ़कर सोचने, सुधार के अवसरों की पहचान करने तथा प्रभावशाली समाधान लागू करने के लिए प्रेरित करने का सशक्त मंच है। प्रत्येक अभिनव विचार, चाहे वह छोटा हो या बड़ा, संगठन को सुदृढ़ बनाता है, परिचालन दक्षता बढ़ाता है तथा कर्मचारियों में स्वामित्व की भावना विकसित करता है।

अन्य अतिथियों ने भी सेल की सतत प्रगति में नवाचार और रचनात्मकता की महत्ता पर अपने विचार व्यक्त करते हुए सभी पुरस्कार विजेताओं को बधाई दी। इन टीमों द्वारा लागू किए गए सुझावों में विभिन्न उपकरणों और सुविधाओं के कार्य-निष्पादन में महत्वपूर्ण सुधार हेतु उल्लेखनीय प्रयास शामिल थे।

उनके रचनात्मक एवं अभिनव दृष्टिकोण के परिणामस्वरूप उत्पादकता, लाभप्रदता, ऊर्जा दक्षता तथा कार्यस्थल सुरक्षा में मापनीय प्रगति दर्ज की गई है। ये पहलें ग्रीन स्टील एवं एथिकल स्टील उत्पादन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम सिद्ध हो रही हैं तथा स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) की सततता एवं परिचालन उत्कृष्टता के प्रति प्रतिबद्धता को और सुदृढ़ करती हैं।

कार्यक्रम का संचालन सहायक महाप्रबंधक (आईईडी) राजकुमार मीणा द्वारा किया गया। स्वागत भाषण महाप्रबंधक (आईईडी) चंद्रानन जैन ने प्रस्तुत किया तथा उप महाप्रबंधक (आईईडी) सुश्री शिवांगी तिवारी ने धन्यवाद ज्ञापन दिया। उप प्रबंधक (आईईडी) डी.पी.एस. बरार; सहायक प्रबंधक (आईईडी) विल्सन मैनन तथा आईईडी विभाग के सुनील वर्मा एवं शुभम राठौर ने कार्यक्रम के सफल आयोजन में सक्रिय भूमिका निभाई।

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