अंबिकापुर में पत्रकारों पर हमले के खिलाफ दुर्ग में प्रदर्शन, आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग…

सरगुजा जिले के अंबिकापुर में दो पत्रकारों के साथ मारपीट और जातिसूचक गाली-गलौज की घटना को लेकर दुर्ग जिले में पत्रकारों ने कड़ा विरोध दर्ज कराया। छत्तीसगढ़ जर्नलिस्ट वेलफेयर यूनियन, दुर्ग इकाई ने घटना की निंदा करते हुए कलेक्टर को राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा और आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, अंबिकापुर स्थित लक्ष्मी नारायण अस्पताल में ट्रांसफॉर्मर हटाने को लेकर विवाद हुआ था। इसी दौरान कवरेज कर रहे दो पत्रकारों के साथ कथित तौर पर मारपीट और जातिसूचक टिप्पणियां की गईं।
घटना के समय पुलिस बल भी मौके पर मौजूद था। इस घटना के बाद पत्रकार संगठनों में आक्रोश फैल गया।
“लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर हमला”
यूनियन पदाधिकारियों ने कहा कि पत्रकारों पर हमला लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर सीधा प्रहार है।
उनका कहना है कि मारपीट और जातिसूचक शब्दों का प्रयोग गंभीर आपराधिक कृत्य है और दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
राज्यपाल के नाम सौंपा ज्ञापन
दुर्ग में पत्रकारों ने कलेक्टर को राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपकर मांग की:
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आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी
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निष्पक्ष और पारदर्शी जांच
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भविष्य में पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करना
यूनियन ने स्पष्ट किया कि यह लड़ाई केवल दो पत्रकारों की नहीं, बल्कि पूरे पत्रकार समाज की गरिमा और सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा है।
15 दिन का अल्टीमेटम
छत्तीसगढ़ जर्नलिस्ट वेलफेयर यूनियन ने चेतावनी दी है कि यदि 15 दिनों के भीतर आरोपियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो प्रदेश स्तर पर बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
प्रदर्शन के दौरान यूनियन के जिला अध्यक्ष, महासचिव और अन्य पदाधिकारी समेत बड़ी संख्या में पत्रकार मौजूद रहे।
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