
नागरिक सुरक्षा संगठन–छत्तीसगढ़ (भारत सरकार–गृह मंत्रालय से संबद्ध) तथा ज्ञानार्जन एवं विकास विभाग, भिलाई इस्पात संयंत्र द्वारा ब्लास्ट फर्नेस के कर्मियों की धर्मपत्नियों व गृहिणियों के लिए “हम भी हैं तैयार” एक दिवसीय विशेष बुनियादी नागरिक सुरक्षा कार्यशाला का आयोजन ज्ञानार्जन एवं विकास विभाग के लघु सभागार में किया गया।
कार्यक्रम में कुल 22 महिलाओं ने सहभागिता की। इस कार्यशाला का उद्देश्य गृहिणियों को किसी भी आपदा, विपरीत परिस्थिति एवं संकटकालीन स्थिति में धैर्य और साहस के साथ कार्य करने हेतु सक्षम बनाना है। प्रशिक्षण के दौरान संकट का सामना करना, स्वयं एवं साथियों का बचाव, पीड़ित को सहारा देना एवं सुरक्षित परिवहन, तात्कालिक स्ट्रेचर तैयार करना, रस्सी के माध्यम से बचाव, प्राथमिक उपचार में रक्तस्राव रोकना, कृत्रिम श्वास प्रदान करना आदि विषयों पर व्यावहारिक जानकारी दी गई।
नागरिक सुरक्षा संगठन–छत्तीसगढ़ ने गृहिणियों को सशक्त एवं सजग बनाने की जिम्मेदारी लेते हुए “हम भी हैं तैयार” अभियान के माध्यम से उन्हें प्रशिक्षित करने का संकल्प लिया है। यह बताया गया कि घर की संपूर्ण जिम्मेदारी प्रायः महिलाओं पर होती है तथा किसी भी आकस्मिक घटना में प्रथम प्रतिक्रिया देने वाली गृहिणी ही होती है। प्रायः महिलाएँ घर में अकेली रहती हैं, ऐसे में किसी आपदा या आकस्मिक परिस्थिति में स्वयं एवं परिवार की सुरक्षा, शीघ्र निर्णय लेना, आपातकालीन सेवा 112 को सूचित करना तथा मानसिक संतुलन बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है।
कार्यशाला में यह भी स्पष्ट किया गया कि घर अथवा बाहर—हर स्थान पर आवश्यक सावधानी ही प्रथम सुरक्षा है। प्रतिभागियों से अपने आसपास सतर्कता बरतने तथा नागरिक सुरक्षा के महत्व को समझते हुए जागरूक नागरिक की भूमिका निभाने का आह्वान किया गया।
राष्ट्रीय आपदा मोचन बल महाविद्यालय, नागपुर (राष्ट्रीय नागरिक सुरक्षा महाविद्यालय) से प्रशिक्षित प्रशिक्षकगणों ने विभिन्न विषयों पर मार्गदर्शन प्रदान किया।
अनुभाग अधिकारी/कनिष्ठ स्टाफ अधिकारी, ज्ञानार्जन एवं विकास विभाग स्वतंत्र कुमार ने नागरिक सुरक्षा का इतिहास, उद्देश्य, हमारी भूमिका, आपदा प्रबंधन, अग्नि सुरक्षा, घरेलू सुरक्षा, घरेलू उपकरण एवं विद्युत सुरक्षा तथा संचार सेवा विषयों पर प्रभावशाली व्याख्यान प्रस्तुत किया। मास्टर तकनीशियन, मर्चेंट मिल सुरेन्द्र नंदेश्वर ने बचाव सेवा एवं प्रदर्शन पर विस्तृत जानकारी दी। नर्सिंग ऑफिसर, राष्ट्रीय औद्योगिक स्वास्थ्य सेवा केन्द्र विभाग दिनेश ग्वाल ने प्राथमिक उपचार विषय पर व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया।
समापन समारोह के मुख्य अतिथि महाप्रबंधक (बी.एफ.) विवेक वर्मा ने अपने उद्बोधन में कहा कि संयंत्र की सुरक्षा में महिलाएँ अपनी भूमिका बखूबी निभा रही हैं तथा नागरिक सुरक्षा के क्षेत्र में भी वे समान रूप से सक्षम हैं। उन्होंने कहा कि जन-जागरूकता एवं क्षमता विकास के माध्यम से महिलाओं को सशक्त बनाना हमारा दायित्व है, जिससे आपदा की स्थिति में न्यूनतम हानि सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने प्रतिभागी महिलाओं के उत्साह की सराहना करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रकार के प्रशिक्षण से वे छोटी-बड़ी परिस्थितियों का सामना आत्मविश्वास एवं धैर्य के साथ कर सकेंगी।
कार्यक्रम में सहायक महाप्रबंधक, ब्लास्ट फर्नेस हेमंत वर्मा ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। कार्यक्रम के उपरांत प्रतिभागी गृहिणियों ने नागरिक सुरक्षा एवं ब्लास्ट फर्नेस बिरादरी द्वारा आयोजित इस पहल को अत्यंत बहुउपयोगी एवं आवश्यक बताया। उन्होंने इसे महिलाओं के लिए गर्व का विषय बताते हुए प्रबंधन के इस सकारात्मक विचार का स्वागत किया।
प्रतिभागियों ने आपदा प्रबंधन, बचाव कार्य एवं प्राथमिक उपचार संबंधी जानकारी को अत्यंत उपयोगी बताते हुए प्रबंधन के प्रति आभार व्यक्त किया तथा अनुरोध किया कि ऐसी कार्यशालाएँ सभी गृहिणियों एवं बच्चों के लिए भी आयोजित की जाएँ। कार्यशाला के पाठ्यक्रम समन्वयक अनुभाग अधिकारी, ज्ञानार्जन एवं विकास विभाग के स्वतंत्र कुमार रहे।
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