
दुर्ग पुलिस ने ई-कॉमर्स के जरिए प्रतिबंधित धारदार हथियार की सप्लाई के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में खुलासा हुआ कि हथियार ऑनलाइन प्लेटफॉर्म Meesho के माध्यम से ऑर्डर कर कोरियर से डिलीवर किया गया था। मामले में Arms Act के तहत वैधानिक कार्यवाही की गई है।
ग्राम पुरई मारपीट कांड से जुड़ा है मामला
पुलिस के अनुसार 20 जनवरी 2026 को थाना उतई क्षेत्र के ग्राम पुरई में धारदार हथियार से मारपीट की घटना हुई थी। इस हमले में कई लोगों को चोट आई थी। प्रकरण में अपराध क्रमांक 32/2026 दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता (BNS) और Arms Act की धाराओं में जांच शुरू की गई।
जांच के दौरान हथियार की सप्लाई चेन को ट्रेस करते हुए पुलिस ई-कॉमर्स ऑर्डर और कोरियर डिलीवरी तक पहुंची।
ई-कॉमर्स ऑर्डर से कोरियर डिलीवरी तक खुलासा
तफ्तीश में सामने आया कि प्रतिबंधित धारदार हथियार ऑनलाइन ऑर्डर किया गया था और उतई स्थित एक कोरियर एजेंसी के जरिए 3 जनवरी 2026 को डिलीवर हुआ।
पुलिस के अनुसार एजेंसी संचालक को पार्सल की संदिग्ध प्रकृति की जानकारी होने के बावजूद डिलीवरी की गई और नकद राशि लेकर पार्सल सौंपा गया।
कोरियर संचालक और डिलीवरी कर्मी पर Arms Act में केस
मामले में कोरियर एजेंसी संचालक और डिलीवरी कर्मचारी के खिलाफ Arms Act की धारा 25(1)(A) और 25(3) के तहत अपराध दर्ज किया गया है। दोनों आरोपियों को 16 फरवरी 2026 को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया।
दस्तावेज और डिलीवरी रिकॉर्ड जब्त
पुलिस ने कार्रवाई के दौरान:
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कोरियर एजेंसी के संचालन से जुड़े दस्तावेज
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पार्सल डिलीवरी रजिस्टर
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संबंधित रिकॉर्ड और अभिलेख
जप्त किए हैं, जिन्हें डिजिटल और भौतिक साक्ष्य के रूप में जांच में शामिल किया गया है।
“ऑपरेशन विश्वास” के तहत विशेष अभियान
यह कार्रवाई “ऑपरेशन विश्वास” अभियान के तहत की गई, जिसके अंतर्गत ऑनलाइन माध्यम से अवैध हथियारों और प्रतिबंधित सामग्री की सप्लाई पर निगरानी और कड़ी कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस की अपील: प्रतिबंधित सामान की डिलीवरी न करें
पुलिस ने ई-कॉमर्स विक्रेताओं और कोरियर संचालकों से अपील की है कि किसी भी प्रकार की अवैध या प्रतिबंधित सामग्री की बिक्री या डिलीवरी न करें। संदिग्ध ऑर्डर या पार्सल की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
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