R.O. No. - 13538/44
दुर्ग – छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग (सीएसईआरसी) ने आज सीएसपीडीसीएल दुर्ग क्षेत्र के रायपुर नाका स्थित मुख्यालय के सभागार में बिजली कंपनियों द्वारा प्रस्तुत वार्षिक टैरिफ याचिकाओं पर दुर्ग, बालोद एवं बेमेतरा जिले के लिए सार्वजनिक जन सुनवाई का आयोजन किया। इस सुनवाई का मुख्य उद्देश्य बिजली की नई दरों से निर्धारण से पूर्व आम जनता, औद्योगिक संगठनों और उपभोक्ताओं के सुझाव एवं आपत्तियां सुनना था।
आयोग के सदस्यों ने स्पष्ट किया कि टैरिफ का निर्धारण उपभोक्ताओं के हितों और बिजली कंपनियों की वित्तीय स्थिरता के बीच संतुलन बनाकर किया जायेगा। जनसुनवाई में विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधियों ने अपनी मांगे रखी। औद्योगिक एवं एचवी-4 उपभोक्ता भिलाई स्टील प्लांट के प्रतिनिधियों ने सुझाव दिया कि अधिकतम मांग की पेनाल्टी को पिछले वर्षों (2020-21 से 2024-25) के समान रखा जाए।
उन्होंने क्रॉस सब्सिडी का निर्धारण वोल्टेज के आधार पर करने, लो-लोड फेक्टर में प्रोत्साहन देने और न्यूनतम उपयोग के समय डिमांड चार्जेस को कॉन्ट्रेक्ट डिमांड का 50 प्रतिशत रखने का मांग/सुझाव दिया। उन्होंने मांग की,कि बिजली बिल का एडवांस पेेमेंट करने पर मिलने वाली सवा प्रतिशत की छूट को भविष्य में भी यथावत रखा जाए। यह उपभोक्ताओं को समय पर भुगतान के लिए प्रोत्साहित करने वाला एक प्रभावी प्रावधान है।
राईस मिल एसोसिएशन के प्रतिनिधि राधोश्याम अग्रवाल ने मांग/सुझाव दिया कि राईस मिलर्स को एग्रीकल्चर कैटेगरी में शमिल किया जाये। जून-जूलाई 2025 तक मिलने वाले कन्सेशनल ईसी को पुनः बहाल करने और ऑफ सिजन में राईस मिलों के बंद रहने के कारण डिमांड चार्जेस कम करने की वकालत की।
घरेलू उपभोक्ता मेहरबान सिंह ने बढती महंगाई का हवाला देते हुए कहा कि टैरिफ में बढोत्तरी से आम जनता पर आर्थिक बोझ बढेगा अतः दरों में वृद्धि नहीं की जानी चाहिए। घरेलू सोलर उपभोक्ता संतोष साहू ने तकनीकी सुझाव देते हुए कहा कि सोलर रूफटॉप पेनल से उत्पादित यूनिट की गणना वित्तीय वर्श के बजाये कैलेण्डर वर्ष के आधार पर की जानी चाहिए।
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आयोग ने सभी सुझावों को रिकॉर्ड पर ले लिया है। इन सुझावों का विस्तृत अध्ययन करने पर आयोग अगले कुछ महिनों के भीतर अपना अंतिम टैरिफ आदेश जारी करेगा। आयोग ने जनता को आश्वस्त किया है कि अंतिम निर्णय पूरी तरह से निश्पक्ष और न्यायसंगत होगा।रायपुर कार्यालय में प्रत्यक्ष जन-सुनवाई यदि कोई उपभोक्ता सीधे रायपुर आयोग कार्यालय में उपस्थित होकर अपनी बात रखना चाहता है, तो दिनांक 19 फरवरी 2026 को दोपहर 12ः00 से 01ः30 बजे तक कृषि एवं कृषि संबंधी कार्य, दोपहर 02ः30 से 04ः00 बजे तक घरेलू उपभोक्ता एवं सायं 04ः00 से 05ः30 बजे तक गैर-घरेलू उपभोक्ता उपस्थित होकर अपनी आपत्तियां एवं सुझाव प्रस्तुत कर सकते हैं। इसी तरह 20 फरवरी 2026 को दोपहर 12ः00 से 01ः30 बजे तक स्थानीय निकाय, नगर निगम एवं ट्रेड यूनियन आदि, दोपहर 02ः30 से 04ः00 बजे तक निम्न दाब उद्योग एवं सायं 04ः00 से 05ः30 बजे तक उच्च दाब उद्योग अपनी सुझाव प्रस्तुत कर सकेंगे।
याचिकाओं का विस्तृत विवरण आयोग की वेबसाइट www.cserc.gov.in पर उपलब्ध है। दुर्ग क्षेत्र के सभी इच्छुक सम्मानीय उपभोक्ता और विभिन्न संगठन इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया का हिस्सा बनकर अपने सुझाव एवं आपत्तियां उक्त वेबसाइट पर ऑनलाइन दर्ज कर सकते हैं।
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