
जिला दुर्ग के महिला थाना क्षेत्र में नाबालिग पीड़िता से दुष्कर्म और सामूहिक दुष्कर्म से जुड़े गंभीर मामले में पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। फरार चल रहे दो आरोपियों ने पुलिस दबिश के बाद न्यायालय में समर्पण कर दिया है। अब तक इस केस में कुल 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
मामला कैसे आया सामने
महिला थाना में 30 जनवरी 2026 को पीड़िता ने अपनी माता के साथ लिखित आवेदन प्रस्तुत किया। शिकायत में बताया गया कि वर्ष 2018 से 2025 के बीच, नाबालिग होने की जानकारी के बावजूद विभिन्न आरोपियों द्वारा दुष्कर्म और सामूहिक दुष्कर्म की घटनाएं की गईं।
शिकायत के आधार पर गंभीर धाराओं में अपराध दर्ज कर विस्तृत विवेचना शुरू की गई।
किन धाराओं में दर्ज हुआ केस
मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS), IPC की प्रासंगिक धाराओं, POCSO Act तथा एससी/एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है।
प्रकरण संवेदनशील श्रेणी में होने के कारण जांच बहु-एजेंसी समन्वय से की जा रही है।
पुलिस दबिश के बाद दो आरोपियों ने किया सरेंडर
दुर्ग पुलिस की लगातार दबिश और तकनीकी जांच के चलते फरार आरोपी:
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संजय पंडित
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बी.एन. पांडेय
ने न्यायालय में समर्पण किया। अदालत से 2 दिन की पुलिस रिमांड लेकर दोनों से पूछताछ जारी है।
जांच में सहयोग करने वाला एक और आरोपी गिरफ्तार
विवेचना में यह भी सामने आया कि एक अन्य आरोपी ने अपने पहचान दस्तावेज देकर कमरे की बुकिंग कराई थी, जिससे मुख्य आरोपी को अपराध करने में सहायता मिली। इस आधार पर उसे भी गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।
अब तक की कार्रवाई
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कुल आरोपी गिरफ्तार: 7
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फरार आरोपियों की तलाश: जारी
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इलेक्ट्रॉनिक उपकरण व दस्तावेज: जब्त
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तकनीकी व साक्ष्य आधारित जांच: प्रचलित
पुलिस की अपील
पुलिस ने कहा है कि ऐसे मामलों की सूचना तुरंत दें। पीड़ित की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाती है। नाबालिगों से जुड़े अपराधों में सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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