R.O. No. - 13538/42
सीजीएम एवं विभागाध्यक्षों की सहभागिता से नियामकीय अनुपालन और कार्यस्थल सुरक्षा को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र के सुरक्षा अभियांत्रिकी विभाग (एसईडी) द्वारा बीएमडीसी में नवघोषित व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्यदशा (ओएसएचडब्ल्यूसी) संहिता, 2020 पर एक उच्चस्तरीय संवादात्मक सह-प्रशिक्षण सत्र का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में संयंत्र के सभी मुख्य महाप्रबंधकों एवं विभागाध्यक्षों की सक्रिय उपस्थिति रही।
कार्यपालक निदेशक (वर्क्स) राकेश कुमार ने मुख्य महाप्रबंधक (सुरक्षा एवं अग्निशमन सेवाएँ) डी. सतपथी तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में कार्यक्रम का उद्घाटन किया। इस सत्र का उद्देश्य श्रम संहिताओं, विशेषकर भारत सरकार द्वारा अधिसूचित (ओएसएचडब्ल्यूसी) संहिता, 2020, के प्रावधानों की स्पष्ट एवं व्यापक समझ संयंत्र के शीर्ष नेतृत्व को प्रदान करना था, ताकि नवीन विधिक प्रावधानों का प्रभावी एवं सुनियोजित क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके।
यह पहल नेतृत्व स्तर पर जागरूकता को सुदृढ़ करते हुए वैधानिक अनुपालन की दिशा में ठोस कदम सिद्ध हुई। अपने संबोधन में कार्यपालक निदेशक (वर्क्स) राकेश कुमार ने इस नई संहिता के अंतर्गत सभी नियामकीय एवं विधिक प्रावधानों के कठोर अनुपालन की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने उपस्थित विभागाध्यक्षों से अपेक्षा की कि वे विधि की बारीकियों को गंभीरता से समझें तथा प्राप्त ज्ञान को कार्यस्थल पर प्रभावी क्रियान्वयन में रूपांतरित करें।
कार्यक्रम के प्रारंभ में मुख्य महाप्रबंधक (सुरक्षा एवं अग्निशमन सेवाएँ) डी. सतपथी ने विशिष्ट अतिथि फैकल्टी का स्वागत करते हुए विभागाध्यक्षों से आह्वान किया कि वे इस शिक्षण अवसर का पूर्ण लाभ उठाएं। उन्होंने कहा कि नई संहिता के प्रति सक्रिय एवं सकारात्मक दृष्टिकोण संगठन की सुरक्षा उत्कृष्टता यात्रा को नई दिशा प्रदान करेगा।
R.O. No. - 13538/42
सत्र में मुख्य वक्ता एवं प्रशिक्षक के रूप में सुप्रसिद्ध सुरक्षा विशेषज्ञ ए. के. चतुर्वेदी उपस्थित रहे, जो प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों में वैश्विक अनुभवप्राप्त नामी विशेषज्ञ हैं। उन्होंने (ओएसएचडब्ल्यूसी) संहिता, 2020 के प्रमुख प्रावधानों, अनुपालन आवश्यकताओं तथा व्यावहारिक प्रभावों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उनके सारगर्भित एवं उदाहरण-आधारित प्रस्तुतीकरण ने वरिष्ठ नेतृत्व के लिए सत्र को अत्यंत उपयोगी एवं ज्ञानवर्धक बनाया।
कार्यक्रम का समन्वय अतिरिक्त महाप्रबंधक (एसईडी) अजय गोने एवं अतिरिक्त महाप्रबंधक (एसईडी) अजय टल्लू द्वारा किया गया, जबकि अतिरिक्त महाप्रबंधक (एसईडी) शोवन घोष ने सत्र का संचालन करते हुए संकाय का औपचारिक स्वागत एवं परिचय कराया। संवादात्मक प्रारूप के कारण प्रतिभागियों को विचार-विमर्श एवं प्रश्नोत्तर का अवसर मिला, जिससे सत्र प्रभावशाली एवं सफल सिद्ध हुआ।
संपूर्ण खबरों के लिए क्लिक करे
