छत्तीसगढ़दुर्ग

“भगवान श्रीराम के आदर्श ही हमारे जीवन का आधार, रामायण हमें जीने की कला सिखाती है” – ललित चंद्राकर

गांधी नगर, अंडा (दुर्ग) में आयोजित *तीन दिवसीय भव्य सस्वर मानसगान सम्मेलन* का गरिमामय शुभारंभ दुर्ग ग्रामीण विधायक  ललित चंद्राकर* के मुख्य आतिथ्य में संपन्न हुआ। इस अवसर पर क्षेत्र के धर्मप्रेमी बंधुओं और माताओं-बहनों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

कार्यक्रम की शुरुआत भगवान श्रीराम और हनुमान जी के तैलचित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन के साथ हुई। आयोजन समिति द्वारा मुख्य अतिथि और अन्य गणमान्य नागरिकों का आत्मीय स्वागत पुष्पगुच्छ और स्मृति चिह्न भेंट कर किया गया।

विधायक जी का संबोधन (मुख्य अंश):

सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि  ललित चंद्राकर* ने उपस्थित जनसमूह और मानस प्रेमियों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा:

*”रामचरितमानस केवल एक ग्रंथ नहीं, बल्कि मानव जीवन का दर्पण है। आज के समय में भगवान श्रीराम के आदर्शों को अपने जीवन में उतारना अत्यंत आवश्यक है। श्रीराम का चरित्र हमें त्याग, प्रेम, मर्यादा और सामाजिक समरसता का पाठ पढ़ाता है। ऐसे धार्मिक आयोजनों से न केवल हमारे संस्कार जीवित रहते हैं, बल्कि समाज में एकता और भाईचारे की भावना भी मजबूत होती है। मानस का गान हमें जीवन जीने की सही कला और दिशा प्रदान करता है।”*

अतिथियों और आयोजन समिति की उपस्थिति:

इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में आयोजन समिति और स्थानीय नागरिकों का विशेष योगदान रहा। कार्यक्रम की अध्यक्षता दाऊ राधेश्याम चन्द्राकर जी ने की।

इस अवसर पर मंच पर विशेष रूप से उपस्थित गणमान्य नागरिकों में प्रमुख रूप से शामिल रहे:

*पदाधिकारी:* बिरेन्द्र साहू (उपाध्यक्ष), हेमेन्द्र कुमार चन्द्राकर (कोषाध्यक्ष/समाजसेवी), तेजराम चौहान (सचिव/समाजसेवी), यशवंत सिन्हा (सहसचिव)।
*विशिष्ट उपस्थिति:* मा. संजु यादव, मा. राधेश्याम चंद्राकर, अजीत चंद्राकर, तिलक चंद्राकर, अजय चौहान, फेकु चंद्राकर, संतोष निर्मलकर, झाडु सिन्हा जी, थनवार चंद्राकर जी, गुड्डु सेन, पूर्णिमा चंद्राकर जी (शिक्षक), पुकेश चंद्राकर एवं संजय चंद्राकर (शिक्षक)।

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