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पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय दुर्ग में प्राचार्य उमाशंकर मिश्र को भावभीनी विदाई, गरिमामय समारोह में उमड़ा सम्मान…

दुर्ग। पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय दुर्ग में प्राचार्य उमाशंकर मिश्र के सेवानिवृत्त (सुपरएन्यूएशन) होने पर विद्यालय परिसर में भव्य और भावनात्मक विदाई समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम सम्मान, कृतज्ञता और आत्मीयता से परिपूर्ण रहा, जिसमें शिक्षकों, विद्यार्थियों, अतिथियों और परिजनों ने बड़ी संख्या में भाग लिया।

दीप प्रज्वलन और प्रार्थना सभा से हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ

विदाई समारोह की शुरुआत दीप प्रज्वलन और प्राचार्य उमाशंकर मिश्र के हस्ताक्षर के साथ हुई। प्रातःकालीन सभा का संचालन पुरुषोत्तम साहू ने किया। कलर पार्टी एस्कॉर्ट, नियमित प्रार्थना सभा, प्राथमिक कक्षाओं के विद्यार्थियों द्वारा हरित स्वागत तथा छात्र-छात्राओं द्वारा भावपूर्ण अभिव्यक्ति ने वातावरण को विशेष बना दिया।

संस्कृत श्लोक और काव्य प्रस्तुति ने बांधा समां

शिक्षक डॉ. अजय आर्य ने अनुष्टुप छंद में रचित काव्य एवं 14 संस्कृत श्लोकों का हिंदी काव्यानुवाद सहित पाठ कर सभी को मंत्रमुग्ध किया। श्रावणी सिंह के नेतृत्व में विद्यार्थियों ने आशीर्वचन गीत प्रस्तुत किया। प्राचार्य मिश्र के आशीर्वचनों ने समारोह को भावनात्मक ऊंचाई दी।

समर्पण से बनती है पहचान : उमाशंकर मिश्र

अपने संबोधन में प्राचार्य उमाशंकर मिश्र ने कहा कि “व्यक्ति अपने कार्य के प्रति समर्पण और ईमानदारी से ही अपनी पहचान और ब्रांड वैल्यू बनाता है।” उन्होंने शिक्षकों और विद्यार्थियों को उत्कृष्ट परीक्षा परिणाम का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।

“वाणी में मिश्री, व्यक्तित्व में शंकर” : अशोक चंद्राकर

केंद्रीय विद्यालय रायपुर के प्राचार्य अशोक चंद्राकर ने कहा— “उमाशंकर नाम में भोलेपन की छवि है और ‘मिश्र’ में यदि एक मात्रा जोड़ दें तो ‘मिश्री’ बन जाता है। उनकी वाणी में मिठास और व्यक्तित्व में सरलता है। मैंने उन्हें कभी कटु वचन बोलते नहीं देखा।”

स्मृति चिन्ह, मान-पत्र और वीडियो प्रस्तुति से सम्मान

समारोह में माल्यार्पण, शॉल-श्रीफल भेंट, स्मृति चिन्ह, मान-पत्र और स्मृति वीडियो प्रस्तुति दी गई। संजय भदोरिया द्वारा प्राचार्य मिश्र के जीवन और कार्यों पर आधारित शॉर्ट फिल्म प्रदर्शित की गई, जिसे खूब सराहा गया। विदाई गीत “चलते-चलते…” की प्रस्तुति ने सभी को भावुक कर दिया।

31 वर्ष पुराने बैचमेट्स भी पहुंचे विदाई में

विशेष बात यह रही कि वर्ष 1995 बैच के साथी शिक्षक भी समारोह में शामिल हुए। मध्यप्रदेश से अमरनाथ सिंह सहित कई बैचमेट्स लंबी यात्रा कर दुर्ग पहुंचे, जिससे कार्यक्रम और भी यादगार बन गया।

कई केंद्रीय विद्यालयों के प्राचार्य और शिक्षक रहे मौजूद

कार्यक्रम में केंद्रीय विद्यालय क्रमांक-1 रायपुर, राजनांदगांव, CISF भिलाई सहित विभिन्न विद्यालयों के प्राचार्य और शिक्षक उपस्थित रहे।
परिवार के सदस्यों की उपस्थिति और विद्यालय स्टाफ के सहयोग से समारोह अत्यंत गरिमामय और स्मरणीय बन गया।

विद्यालय परिवार ने दी भावभीनी विदाई

पूरे विद्यालय परिवार ने प्राचार्य उमाशंकर मिश्र को एक आदर्श शिक्षक, कुशल प्रशासक और सरल व्यक्तित्व के रूप में याद करते हुए भावभीनी विदाई दी। उनका योगदान विद्यालय की प्रगति में सदैव स्मरणीय रहेगा।

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