R.O. No. - 13538/42
रायपुर। मसन्द सेवाश्रम रायपुर के तत्वावधान में भारत रत्न, पूर्व प्रधानमंत्री एवं छत्तीसगढ़ राज्य निर्माता स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी की जन्म शताब्दी के अवसर पर “छत्तीसगढ़ को देश का अनुकरणीय आदर्श राज्य बनाने के उपाय” विषय पर एक सर्व समाज सम्मेलन का आयोजन किया गया। यह सम्मेलन महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर शंकरनगर स्थित सिंधु पैलेस में संपन्न हुआ।
विविध समाजों की सहभागिता, एक मंच पर दिखी एकता
इस सम्मेलन में रायपुर सहित प्रदेशभर से आदिवासी, सतनामी, ओबीसी, ब्राह्मण, सिंधी, पंजाबी, गुजराती, मारवाड़ी, मराठी, उड़िया, उत्तर भारतीय एवं दक्षिण भारतीय समाज के प्रतिनिधियों ने भाग लिया और छत्तीसगढ़ के समग्र विकास के लिए सामूहिक जिम्मेदारी निभाने का संकल्प लिया।
सम्मेलन का उद्घाटन एवं अध्यक्षता
कार्यक्रम का उद्घाटन रायपुर उत्तर विधायक श्री पुरंदर मिश्रा ने किया। सम्मेलन की अध्यक्षता मसन्द सेवाश्रम के पीठाधीश साईं जलकुमार मसन्द साहब ने की, जो वर्तमान में “परम धर्म संसद 1008” के संगठन मंत्री भी हैं। यह संगठन देश के चारों शंकराचार्यों के नेतृत्व में गठित एक अंतरराष्ट्रीय हिंदू संगठन है।
राज्य निर्माण आंदोलनकारी डॉ. उदयभान सिंह चौहान सम्मानित
इस अवसर पर प्रख्यात राज्य निर्माण आंदोलनकारी डॉ. उदयभान सिंह चौहान को उनके योगदान के लिए विशेष रूप से सम्मानित किया गया।
वक्ताओं ने रखा छत्तीसगढ़ को आदर्श राज्य बनाने का दृष्टिकोण
सम्मेलन में वरिष्ठ पत्रकार मधुकर द्विवेदी, सामाजिक संस्था “बढ़ते कदम” के संयोजक इन्द्र कुमार डोडवाणी, छत्तीसगढ़ सिंधी सेवा महापंचायत के अध्यक्ष, नगर निगम संस्कृति विभाग प्रमुख पार्षद अमरलाल गिदवाणी, उड़िया समाज के प्रधान किशोर महानन्द सहित अन्य वक्ताओं ने अपने विचार व्यक्त किए। सभी ने छत्तीसगढ़ को सामाजिक समरसता, सुशासन और विकास का मॉडल राज्य बनाने पर बल दिया।
साईं मसन्द ने साझा किया अटल जी से जुड़ा ऐतिहासिक प्रसंग
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सम्मेलन के प्रारंभ में साईं जलकुमार मसन्द साहब ने बताया कि उनका स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी से परिचय वर्ष 1969 में हुआ था। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण को लेकर उन्होंने वर्ष 1999 में प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को पत्र लिखा था, जिसके आधार पर लोकसभा में पृथक छत्तीसगढ़ राज्य का बिल प्रस्तुत हुआ।
सोनिया गांधी से मुलाकात, विधानसभा में बिल पास कराने की पहल
साईं मसन्द साहब ने बताया कि 13 जून 1999 को उन्होंने स्वतंत्रता सेनानी डॉ. दुर्गा सिंह सिरमौर के साथ तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष श्रीमती सोनिया गांधी से मुलाकात कर नए राज्य निर्माण हेतु विधानसभा में प्रस्ताव पारित कराने का आग्रह किया था। इसके बाद 14 जून 1999 को भोपाल में बैठक आयोजित कर विधिवत प्रस्ताव पारित किया गया।
सम्मेलन की सफलता में इनका रहा योगदान
सम्मेलन को सफल बनाने में सत्येंद्र कुमार गौतम, हरिशंकर मिश्रा, दिनेश शुक्ला, मनूमल पृथवाणी, दिशा रामाणी, जुही दरयाणी, जितेंद्र बड़वानी, प्रेम बिरनाणी, लोकचंद भावनाणी, अनेश बजाज, मयंक मसन्द, अनूप मसन्द, मोनू आहूजा, आनंद आईलवार सहित अनेक सामाजिक संगठनों एवं कार्यकर्ताओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
छत्तीसगढ़ के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में मजबूत पहल
यह सम्मेलन न केवल अटल जी को सच्ची श्रद्धांजलि था, बल्कि छत्तीसगढ़ को देश का आदर्श राज्य बनाने की दिशा में सर्व समाज की साझा प्रतिबद्धता का प्रतीक भी बना।
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