यूनियन बजट 2026 पर AICCTU का तीखा हमला, लेबर कोड के ज़रिए कॉर्पोरेट “ग्रोथ”, मजदूरों के लिए गुलामी का रोडमैप: ऐक्टू

रायपुर | ऑल इंडिया सेंट्रल काउंसिल ऑफ ट्रेड यूनियंस (AICCTU) छत्तीसगढ़ ने केंद्रीय बजट 2026 को जन-विरोधी और कॉर्पोरेट-परस्त करार देते हुए इसे सिरे से खारिज किया है। ऐक्टू का आरोप है कि मोदी सरकार द्वारा “विकसित भारत 2047” के नाम पर पेश किया गया यह बजट, अडानी-अंबानी जैसे कॉर्पोरेट घरानों की मुनाफ़ाखोरी और “ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस” को बढ़ावा देने वाला दस्तावेज़ है।
माइनिंग और इंडस्ट्रियल कॉरिडोर से होगा आदिवासियों का विस्थापन
AICCTU के अनुसार, बजट 2026 में
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माइनिंग और रेयर अर्थ कॉरिडोर
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हाई स्पीड रेल कॉरिडोर
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टेक्सटाइल पार्क और इंडस्ट्रियल पार्क
जैसी योजनाओं की घोषणा की गई है, जो सीधे तौर पर आदिवासियों और गरीबों के बड़े पैमाने पर विस्थापन और पर्यावरण विनाश का रास्ता खोलती हैं। संगठन का कहना है कि यह बजट विकास के नाम पर प्राकृतिक संसाधनों की लूट का रोडमैप है।
MGNREGA कमजोर, ग्रामीण रोजगार की गारंटी खत्म
AICCTU ने आरोप लगाया कि बजट में
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MGNREGA को लगभग समाप्त कर दिया गया है
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ग्रामीण इलाकों के लिए मिनिमम जॉब गारंटी खत्म हो गई है
वहीं “विज़न 2047” के नाम पर भविष्य के सपने दिखाए जा रहे हैं, जबकि आज के युवाओं और लाखों बेरोज़गारों के लिए कोई ठोस रोजगार योजना नहीं है।
लेबर कोड = मजदूरों के शोषण का हथियार
ऐक्टू ने कहा कि वित्त मंत्री द्वारा लेबर कोड और डी-रेगुलेशन को विकास का मंत्र बताना, असल में
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मजदूर अधिकारों को कमजोर करने
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नौकरी की सुरक्षा खत्म करने
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कॉर्पोरेट मुनाफ़ा बढ़ाने
की साजिश है। संगठन का आरोप है कि लेबर कोड गुलामी जैसी व्यवस्था लागू कर मजदूरों का चरम शोषण बढ़ाया जा रहा है।
सोशल सेक्टर की अनदेखी, कल्याणकारी योजनाओं में कटौती
AICCTU के मुताबिक बजट 2026 में-
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स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण और आवास
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NHM, ICDS, मिड डे मील
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कृषि और खाद्य सुरक्षा
जैसे अहम सामाजिक क्षेत्रों में बजट आवंटन घटाया गया है या न्यूनतम स्तर पर रखा गया है। इससे गरीब और मेहनतकश तबके पर सीधा असर पड़ेगा।
अमीरों को राहत, टैक्स चोरों को माफी
संगठन ने आरोप लगाया कि-
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कॉर्पोरेट प्रॉफिट और HNI पर टैक्स बढ़ाने से इनकार
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टैक्स चोरी के मामलों में राहत
जैसे फैसले यह साबित करते हैं कि सरकार की प्राथमिकता आम जनता नहीं, बल्कि अमीर वर्ग है।
गिरती अर्थव्यवस्था, फिर भी “रिफॉर्म एक्सप्रेस” का दावा
AICCTU ने कहा कि
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रुपये की गिरती कीमत
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FDI और FII में कमी
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घरेलू निजी निवेश में गिरावट
देश की अर्थव्यवस्था की सच्चाई उजागर करती है। इसके बावजूद सरकार बजट 2026 को “रिफॉर्म एक्सप्रेस” बता रही है।
12 फरवरी की हड़ताल को सफल बनाने की अपील
AICCTU ने इस बजट को जन-विरोधी और कॉर्पोरेट-परस्त बताते हुए मेहनतकश जनता से 12 फरवरी की राष्ट्रव्यापी हड़ताल को ऐतिहासिक रूप से सफल बनाने की अपील की है।
बृजेंद्र तिवारी- राज्य महासचिव, AICCTU छत्तीसगढ़
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