
दुर्ग | राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह 2026 के तहत यातायात पुलिस दुर्ग द्वारा पूरे जिले में व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य आम नागरिकों को सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के प्रति सजग बनाना है, ताकि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके।
जिलेभर में सार्वजनिक स्थलों पर जागरूकता सामग्री
यातायात पुलिस द्वारा जिले के
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शासकीय कार्यालयों
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बैंक परिसरों
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स्कूल-कॉलेजों
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सार्वजनिक स्थलों
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प्रमुख चौक-चौराहों
पर सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों से संबंधित बैनर, पोस्टर और जागरूकता सामग्री प्रदर्शित की जा रही है।
ड्रिंक एंड ड्राइव से लेकर हेलमेट तक, दिए जा रहे अहम संदेश
इन बैनर-पोस्टरों के माध्यम से नागरिकों को विशेष रूप से निम्न संदेश दिए जा रहे हैं—
✔ शराब पीकर वाहन न चलाएं (Drink and Drive से बचें)
✔ तेज व लापरवाहीपूर्वक वाहन न चलाएं
✔ मालवाहक वाहनों में यात्रा न करें
✔ दोपहिया वाहन चलाते समय और पीछे बैठने पर हेलमेट अनिवार्य रूप से पहनें
✔ चारपहिया वाहन में सीट बेल्ट का उपयोग करें
✔ वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का प्रयोग न करें
कविताओं और स्लोगनों से बढ़ाई जा रही जागरूकता
यातायात पुलिस दुर्ग द्वारा सड़क सुरक्षा से जुड़ी प्रेरणादायक कविताएं, स्लोगन और संदेशात्मक पोस्टर भी लगाए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य नागरिकों में सकारात्मक सोच विकसित करना और उन्हें स्वयं तथा अन्य सड़क उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा के प्रति संवेदनशील बनाना है।
1 जनवरी से 31 जनवरी तक चलता है सड़क सुरक्षा माह
उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह का आयोजन हर वर्ष 1 जनवरी से 31 जनवरी तक किया जाता है। इस दौरान विभिन्न कार्यक्रमों और अभियानों के माध्यम से आमजन को यातायात नियमों की बुनियादी जानकारी दी जाती है।
सड़क दुर्घटनाओं का बड़ा कारण चालक की लापरवाही
सड़क दुर्घटनाओं के विश्लेषण में यह तथ्य सामने आया है कि करीब 78.7 प्रतिशत सड़क दुर्घटनाएं चालकों की गलतियों के कारण होती हैं। इनमें प्रमुख कारण हैं—
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शराब या नशे की हालत में वाहन चलाना
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वाहन चलाते समय मोबाइल का उपयोग
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क्षमता से अधिक सवारी बैठाना
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निर्धारित गति सीमा से तेज वाहन चलाना
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थकान की अवस्था में ड्राइविंग
सुरक्षित यातायात संस्कृति को बढ़ावा देने की पहल
यातायात पुलिस दुर्ग का यह अभियान नागरिकों को सुरक्षित, अनुशासित और जिम्मेदार यातायात व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित करने की दिशा में एक प्रभावी कदम है, जिससे भविष्य में सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके।
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