अन्‍यछत्तीसगढ़भिलाई

बीएसपी के सिंटर प्लांट्स–2 एवं 3 ने संयुक्त रूप से रचा दैनिक उत्पादन का नया कीर्तिमान…

सेल– भिलाई इस्पात संयंत्र के सिंटर प्लांट्स–2 एवं सिंटर प्लांट्स–3 ने 5 जनवरी, 2026 को संयुक्त रूप से 28,250 टन दैनिक सिंटर उत्पादन कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया। इससे पूर्व का सर्वोत्तम रिकॉर्ड दिनांक 11 जनवरी, 2024 को 28,212 टन का दर्ज किया गया था।

इस उपलब्धि पर कार्यपालक निदेशक (संकार्य) राकेश कुमार एवं मुख्य महाप्रबंधक प्रभारी (लौह) तापस दासगुप्ता सहित संयंत्र के वरिष्ठ अधिकारियों ने सिंटर प्लांट्स–2 एवं सिंटर प्लांट्स–3 की टीम को बधाईयाँ दी। उन्होंने इसे सभी संबंधित विभागों के समन्वित प्रयासों का परिणाम बताया।

इस रिकॉर्ड उपलब्धि को प्राप्त करने में सिंटर संयंत्रों के साथ-साथ एलडीसीपी, ब्लास्ट फर्नेस, ओएचपी, कोक ओवन सहित विभिन्न सहयोगी विभागों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कच्चे माल की समयबद्ध उपलब्धता, बेहतर संचालन समन्वय तथा प्रक्रिया अनुशासन ने इस सफलता को संभव बनाया।

यह उपलब्धि विभागाध्यक्ष एवं महाप्रबंधक प्रभारी (सिंटर प्लांट्स–2) जगेंद्र कुमार तथा महाप्रबंधक प्रभारी (सिंटर प्लांट्स–3) राहुल बिजुरकर के नेतृत्व में हासिल की गई। इस उपलब्धि में सिंटर प्लांट्स–3 के महाप्रबंधक (उत्पादन) ए.के. बेडेकर एवं सिंटर प्लांट्स–2 के महाप्रबंधक (उत्पादन)  एम.एम. अनीस का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा।

तकनीकी दृष्टि से इस उपलब्धि के पीछे कई महत्वपूर्ण कारक रहे। सिंटर मिश्रण में कैल्साइंड लाइम की गुणवत्ता एवं मात्रा में वृद्धि, आयरन ओर एवं फाइन्स की भौतिक एवं रासायनिक गुणवत्ता में सुधार तथा प्रक्रिया नियंत्रण को सुदृढ़ किया गया। निकट भविष्य में आयरन ओर क्रशर की स्थापना के उपरांत क्रश्ड आयरन ओर एवं फाइन्स की उपलब्धता से सिंटर उत्पादन में और वृद्धि की संभावना है।

वहीँ विभाग ने बताया कि सिंटर में कैल्साइंड लाइम की विशिष्ट खपत को 25 किलोग्राम प्रति टन तक लाने की दिशा में भी निरंतर प्रयास जारी हैं। इसके अतिरिक्त, सिंटर प्लांट्स–2 में सेकेंडरी मिक्सिंग ड्रम में भाप के समुचित समायोजन तथा मशीन–1 एवं 2 में बेड पर एनीलिंग हूड के माध्यम से गर्म हवा प्रवाहित करने से सिंटर की उत्पादकता एवं उत्पादन में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।

इन समेकित प्रयासों के परिणामस्वरूप आशा व्यक्त की गई कि निकट भविष्य में सिंटर प्लांट्स–2 एवं 3 संयुक्त रूप से 30,000 टन दैनिक सिंटर उत्पादन के लक्ष्य को भी सफलतापूर्वक प्राप्त करेंगे।

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