‘G RAM G’ बिल में किस पर होगा फोकस? क्या हैं इसके लाभ, जानें इससे जुड़ी अहम डिटेल

सरकार ने विपक्ष के तीखे विरोध के बीच मंगलवार को लोकसभा में ‘विकसित भारत-जी राम जी विधेयक, 2025’ पेश किया। इसे VBGRAMG बिल भी कहा जा रहा है। यह विधेयक महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) के स्थान पर लाया गया है।
ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विपक्षी सदस्यों के हंगामे के बीच यह विधेयक पेश करने का प्रस्ताव रखा, जिसे सदन ने ध्वनिमत से मंजूरी दी। ‘VBGRAMG’ की फुल फॉर्म- विकसित भारत गारंटर फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन ग्रामीण है। आइये जानते हैं VBGRAMG विधेयक को क्यों पेश किया गया है, इससे क्या बदलेगा और इससे क्या लाभ हो सकता है?
VBGRAMG में किन कार्यों पर रहेगा फोकस?
- कृषि
- पशुपालन
- मत्स्य पालन
- सर्कुलर इकॉनोमी मॉडल से जुड़ी उत्पादक परिसंपत्तियां
- कौशल विकास
- बाजार
- भंडारण
- वनीकरण
- जल संरक्षण
- भू-जल पुनर्भरण
इन कार्यों पर रहेगा फोकस।
VBGRAMG से क्या बदलेगा?
- रोजगार के अवसरों में वृद्धि
- समग्र विकास में ग्रामीण परिवार बनेंगे सहभागी
- आय सुरक्षा बनेगी सुदृढ़
VBGRAMG बिल से क्या बदलेगा?
VBGRAMG से विकसित भारत विजन को कैसे मिलेगी मजबूती?
- जल सुरक्षा एवं जल संबंधी कार्यों को मिलेगा बढ़ावा
- मूलभूत ग्रामीण अवसंचना होगी सुदृढ़
- आजीविका के अवसरों को होगा विस्तार
- अनुकूलन क्षमता का होगा विकास

विकसित भारत मिशन को मंजूरी।
बिल से क्या-क्या लाभ होने वाले हैं?
- ग्रामीण विकास के प्रयास ज्यादा व्यापक, समावेशी और परिणाम आधारित बनेंगे
- सशक्तिकरण, विकास, कन्वर्जेन्स और सैचुरेशन को प्रोत्साहन मिलेगा
- गांवों के विकास को मिलेगी रफ्तार
- बढ़ेंगे रोजगार के अवसर
- जल संरक्षण के कार्यों पर विशेष बल
- 125 दिन के रोजगार की गारंटी
- 1.51 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि का प्रावधान

VBGRAMG बिल से होने वाले लाभ।
विपक्ष के विरोध पर सरकार का जवाब
हालांकि VBGRAMG विधेयक को लाने के लिए विपक्ष लगातार सरकार पर निशाना साध रही है। विपक्षी सदस्यों ने विधेयक का विरोध करते हुए कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का नाम हटाया जाना उनका अपमान है। उन्होंने यह भी कहा कि विधेयक को वापस लिया जाए या फिर संसदीय समिति के पास भेजा जाए।
वहीं शिवराज सिंह चौहान ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा, ‘‘महात्मा गांधी हमारे दिलों में बसते हैं।’’ उनका कहना था कि मोदी सरकार महात्मा गांधी और पंडित दीनदयाल उपाध्याय के विचारों पर आधारित कई योजनाएं चला रही है। उन्होंने सवाल किया, ‘‘कांग्रेस की सरकार ने भी जवाहर रोजगार योजना का नाम बदला था तो क्या यह पंडित जवाहरलाल नेहरू का अपमान था?’’
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